13 अगस्त 2026
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लाल किले के पास AQIS हमले पर UN रिपोर्ट को BJP सांसद श्रृंगला का समर्थन, बांग्लादेश सीमा पर जताई चिंता

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लाल किले के पास AQIS हमले पर UN रिपोर्ट को BJP सांसद श्रृंगला का समर्थन, बांग्लादेश सीमा पर जताई चिंता

सारांश

लाल किले के पास हुए आत्मघाती बम विस्फोट — जिसमें 11 लोग मारे गए — को UN ने AQIS की करतूत बताया है। पूर्व विदेश सचिव श्रृंगला ने इस रिपोर्ट का समर्थन करते हुए बांग्लादेश की खुली सीमा को भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया।

मुख्य बातें

UN की 'एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम' ने लाल किले के पास हुए विस्फोट की ज़िम्मेदारी आधिकारिक रूप से AQIS को सौंपी।
इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई थी; घटना पिछले नवंबर में हुई थी।
BJP सांसद और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने UN रिपोर्ट का समर्थन करते हुए इसे 'गंभीरता से लेने' की अपील की।
UN रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि AQIS अब विकेंद्रीकृत आतंकी नेटवर्क के रूप में उभर रहा है और बांग्लादेश में सेल बनाने की कोशिश कर रहा है।
श्रृंगला ने पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की सरकार पर आतंकवादियों को अनुकूल माहौल देने का आरोप लगाया।
जमात-ए-इस्लामी के बांग्लादेश में प्रभाव और खुली सीमा को भारत की सुरक्षा के लिए प्रमुख जोखिम बताया गया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने गुरुवार, 13 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र की 'एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम' की उस रिपोर्ट का पुरज़ोर समर्थन किया, जिसमें लाल किले के निकट हुए आत्मघाती कार बम विस्फोट की ज़िम्मेदारी 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) को सौंपी गई है। श्रृंगला ने साथ ही यह भी आगाह किया कि बांग्लादेश के साथ लगती खुली सीमा के ज़रिये आतंकवादी तत्व भारत में प्रवेश कर सकते हैं।

UN रिपोर्ट में क्या कहा गया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंपी गई आतंकवाद-संबंधी रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि पिछले नवंबर में लाल किले के पास हुए विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी और इसके लिए आधिकारिक रूप से AQIS को ज़िम्मेदार ठहराया गया था। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि AQIS अब बिखरे हुए अलग-थलग समूहों से आगे बढ़कर एक विकेंद्रीकृत आतंकी नेटवर्क के रूप में उभर रहा है — जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई और जटिल चुनौती है।

श्रृंगला की प्रतिक्रिया

पूर्व भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी श्रृंगला, जो अमेरिका में भारत के राजदूत और विदेश सचिव के पद पर रह चुके हैं, ने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर उन्होंने कहा है कि AQIS भारत में संबंध बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें लाल किले के पास धमाके के लिए ज़िम्मेदार लोग भी शामिल हैं, तो निश्चित रूप से हमें इसे गंभीरता से लेना होगा और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करनी होगी कि हमारे देश में इन आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को अनुमति न मिले।'

UN सुरक्षा परिषद की विशेषज्ञ टीम की साख का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, 'ये वे लोग हैं जो आतंकवाद-रोधी मामलों के विशेषज्ञ हैं, जो आतंकवादी संगठनों से निपटने में माहिर हैं, और इसलिए वे इन मुद्दों पर बहुत शोध और जाँच करते हैं।'

बांग्लादेश सीमा पर चिंता

बांग्लादेश में पूर्व राजदूत रह चुके श्रृंगला ने पड़ोसी देश में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के लिए वहाँ के पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस सरकार ने 'कई वांछित आतंकवादियों को रिहा कर दिया था और ऐसा माहौल बनाया था जो ऐसे आतंकवादियों के लिए उस देश में पैर जमाने के अनुकूल था।'

यह ऐसे समय में आया है जब UN रिपोर्ट में भी यह चेतावनी दी गई थी कि AQIS बांग्लादेश का उपयोग वहाँ अपने सेल स्थापित करने के लिए कर सकता है। गौरतलब है कि जमात-ए-इस्लामी का बांग्लादेश में अभी भी 'काफी प्रभाव' बना हुआ है — एक तथ्य जिसे श्रृंगला ने विशेष रूप से रेखांकित किया।

सुरक्षा और कूटनीतिक चुनौती

श्रृंगला ने खुली सीमाओं को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी: 'खुली सीमाओं के कारण ये लोग भारत में प्रवेश कर सकते हैं, इसलिए हमें बहुत सावधान और सतर्क रहना होगा ताकि हमारी सुरक्षा और अखंडता से कोई समझौता न हो।' उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना ज़रूरी है, क्योंकि उनके अपने क्षेत्र में आतंकवादियों का सक्रिय होना उनके हित में भी नहीं है।

आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश सीमा प्रबंधन और AQIS की बढ़ती उपस्थिति को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि UN रिपोर्ट ने AQIS की बांग्लादेश में उपस्थिति को लेकर 'कुछ चिंता' शब्द इस्तेमाल किया है — न कि पुष्टि। खुली सीमा की चुनौती वास्तविक है, लेकिन इसका दीर्घकालिक समाधान द्विपक्षीय सहयोग में है, न कि केवल आरोपों में।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल किले के पास हुए बम धमाके में क्या हुआ था?
पिछले नवंबर में नई दिल्ली स्थित लाल किले के निकट एक आत्मघाती कार बम विस्फोट हुआ था जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। UN की सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम ने इस हमले की ज़िम्मेदारी आधिकारिक रूप से AQIS को सौंपी है।
AQIS क्या है और यह भारत के लिए क्यों खतरनाक है?
AQIS यानी 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' दक्षिण एशिया में सक्रिय अल-कायदा का एक शाखा संगठन है। UN रिपोर्ट के अनुसार, यह अब बिखरे समूहों से आगे बढ़कर एक विकेंद्रीकृत नेटवर्क बन रहा है और बांग्लादेश में अपने सेल स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जो भारत की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।
हर्षवर्धन श्रृंगला ने बांग्लादेश को लेकर क्या चेतावनी दी?
श्रृंगला ने कहा कि बांग्लादेश में पूर्व सरकार के दौरान कई वांछित आतंकवादियों को रिहा किया गया और आतंकियों के अनुकूल माहौल बना। उन्होंने आगाह किया कि खुली सीमाओं के कारण ये तत्व भारत में प्रवेश कर सकते हैं और भारत को अपनी सुरक्षा व अखंडता की रक्षा के लिए सतर्क रहना होगा।
UN की सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट का महत्व क्या है?
यह रिपोर्ट UN सुरक्षा परिषद को सौंपी जाती है और इसे तैयार करने वाले आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञों की टीम होती है जो आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर गहन शोध करती है। श्रृंगला ने इसी विशेषज्ञता का हवाला देते हुए रिपोर्ट की विश्वसनीयता को रेखांकित किया।
बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी की भूमिका क्या बताई गई है?
श्रृंगला के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी का बांग्लादेश में अभी भी काफी प्रभाव है। उनका कहना है कि यह प्रभाव और वहाँ का अनुकूल माहौल आतंकी संगठनों को पैर जमाने में मदद कर रहा है, जो अंततः भारत की सीमा सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।
राष्ट्र प्रेस
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