अखिलेश यादव की श्रमिकों की चिंता पर सिद्धार्थ नाथ सिंह का तीखा हमला
सारांश
Key Takeaways
- सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव पर श्रमिकों के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाया।
- अखिलेश यादव को अपनी सरकार के कार्यों पर सवाल उठाने चाहिए।
- प्रधानमंत्री मोदी ने श्रमिकों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं आरंभ की हैं।
- उत्तर प्रदेश में निवेश आ रहा है, जिससे श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।
- कांग्रेस और सपा की सरकारों पर श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप।
प्रयागराज, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के प्रमुख नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सपा प्रमुख नोएडा के श्रमिकों के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, जबकि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान श्रमिकों के लिए क्या प्रयास किए गए।
प्रयागराज में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में, भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को श्रमिकों के मामलों में इतनी चिंता नहीं दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव को नोएडा जाने में डर लग रहा था, तब उन्हें यह नहीं याद रहा कि वहां श्रमिक भी रहते हैं।
सिद्धार्थ नाथ ने जोर दिया कि पहले अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए क्या किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों की भलाई के लिए कई योजनाएं आरंभ की हैं। यदि आप नहीं जानते, तो बताइए, मैं आपको सूचना लिखित में भेज दूंगा।
भाजपा नेता ने कहा कि अखिलेश यादव आज नोएडा के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, जबकि वे केवल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
सिद्धार्थ नाथ ने कांग्रेस और सपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने 50 साल तक देश पर राज किया, लेकिन श्रमिकों के लिए क्या किया? 2जी घोटाला, कॉमनवेल्थ खेलों का घोटाला, बोफोर्स घोटाला और भूमि घोटालों का क्या? आप केवल अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहे थे। अब श्रमिकों के कल्याण की चिंता करने का आपको कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि असली चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं।
आज उत्तर प्रदेश में निवेश आ रहा है, जिससे श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। उनके चूल्हे जल रहे हैं। मनरेगा का मुआवजा बढ़ाया गया है। गन्ना किसानों और उनसे जुड़े श्रमिकों को समय पर भुगतान हो रहा है। 15 लाख करोड़ रुपए का निवेश व्यापक स्तर पर हो रहा है, जिसका सीधा लाभ श्रमिकों को मिल रहा है। क्या यह सब बातें कांग्रेस और सपा को नहीं दिखती?