5 अक्टूबर 2026
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पश्चिम बंगाल: अंडाल की कोयला खदान में पानी भरने से हड़कंप, दो मजदूर घायल; ECL जाँच में जुटा

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पश्चिम बंगाल: अंडाल की कोयला खदान में पानी भरने से हड़कंप, दो मजदूर घायल; ECL जाँच में जुटा

सारांश

पश्चिम बंगाल के अंडाल में सिदुली कोलियरी की खदान में अचानक पानी भर जाने से मजदूरों में भगदड़ मच गई और दो कर्मचारी घायल हो गए। आसपास के इलाकों में कंपन और तेज आवाज़ें सुनकर कुछ परिवार घर छोड़कर भागे। ECL जाँच में जुटी है।

मुख्य बातें

5 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल स्थित सिदुली कोलियरी की खदान में अचानक पानी घुस आया।
दो कर्मचारी घायल हुए, दोनों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
खदान प्रशासन ने तत्काल सभी मजदूरों को बाहर निकाला; उस समय अंदर कर्मचारियों की संख्या कम होने से बड़ा हादसा टला।
निकटवर्ती रिहायशी इलाकों में कंपन और तेज आवाज़ें महसूस की गईं; कुछ परिवारों ने घर छोड़ा।
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) स्थिति की निगरानी कर रहा है और जाँच जारी है।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल स्थित सिदुली कोलियरी क्षेत्र की एक कोयला खदान में 5 अक्टूबर 2026 को अचानक पानी घुस आने से मजदूरों में भगदड़ मच गई। अधिकारियों ने तत्काल एहतियाती कार्रवाई करते हुए सभी कर्मचारियों को खदान से बाहर निकाला। इस घटना में दो कर्मचारी घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मुख्य घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, जमीन के नीचे किसी अज्ञात स्रोत से खदान में अचानक पानी भरने लगा, जिससे कर्मचारियों में घबराहट फैल गई। खदान प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए तुरंत निकासी का आदेश दिया। अधिकारियों का कहना है कि उस वक्त खदान के भीतर कर्मचारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, जिसके चलते एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

घायल दोनों कर्मचारियों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में दाखिल किया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

आसपास के इलाकों में दहशत

इस घटना का असर खदान के पास के रिहायशी इलाकों पर भी पड़ा। स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि खदान के निकटवर्ती क्षेत्रों में कंपन महसूस हुए और तेज आवाज़ें भी सुनी गईं। दहशत में आकर कुछ परिवार — विशेष रूप से जिनमें बच्चे और बुजुर्ग थे — अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।

यह ऐसे समय में आया है जब कोयला खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल और झारखंड में कोलियरी दुर्घटनाओं का एक लंबा इतिहास रहा है, और हर बार जाँच के बाद सुधार के वादे होते हैं।

ECL की जाँच और निगरानी

ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के अधिकारी घटना के बाद से लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। वे यह जाँच कर रहे हैं कि खदान में अचानक पानी भरने से आगे किसी बड़े खतरे की आशंका है या नहीं, और आसपास के इलाकों में महसूस किए गए कंपन तथा शोर का वास्तविक कारण क्या है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खदान में जलभराव और निकटवर्ती इलाकों में आए झटकों के बीच संभावित संबंध की जाँच चल रही है। जाँच पूरी होने के बाद ही असली वजह सार्वजनिक की जाएगी।

आम जनता पर असर

स्थानीय लोगों में अभी भी भय का माहौल है। जो परिवार विस्थापित हुए हैं, वे तब तक घर वापस लौटने में संकोच कर रहे हैं जब तक अधिकारियों की ओर से 'ऑल क्लियर' का संकेत न मिले। खदान क्षेत्र के निवासी खदान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

क्या होगा आगे

ECL की जाँच टीम जल्द ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपेगी। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ पुरानी और अपर्याप्त निगरानी तंत्र की ओर इशारा करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भूमिगत खदानों में जल-रिसाव की पूर्व-सूचना प्रणाली को और सशक्त बनाने की ज़रूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी सुधार की रफ्तार हमेशा सवालों के घेरे में रही है। आसपास के रिहायशी इलाकों में कंपन और शोर की शिकायतें बताती हैं कि खतरा केवल खदान के भीतर तक सीमित नहीं था — यह एक व्यापक भू-संरचनात्मक चिंता हो सकती है जिसे जाँच में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बिना पारदर्शी और समयबद्ध जाँच रिपोर्ट के, स्थानीय समुदाय का भरोसा बहाल करना मुश्किल होगा।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडाल की सिदुली कोलियरी में क्या हुआ?
5 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल स्थित सिदुली कोलियरी क्षेत्र की एक कोयला खदान में जमीन के नीचे किसी अज्ञात स्रोत से अचानक पानी भरने लगा। इससे मजदूरों में भगदड़ मच गई और दो कर्मचारी घायल हो गए।
इस घटना में कितने कर्मचारी प्रभावित हुए?
अधिकारियों के अनुसार दो कर्मचारी घायल हुए और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी सभी कर्मचारियों को खदान प्रशासन ने एहतियातन तत्काल बाहर निकाल लिया।
क्या आसपास के इलाकों को भी खतरा है?
स्थानीय निवासियों ने खदान के पास कंपन महसूस करने और तेज आवाज़ें सुनने की शिकायत की है। कुछ परिवार एहतियात के तौर पर घर छोड़कर चले गए हैं। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) जाँच कर रहा है कि खदान के जलभराव और इन कंपनों के बीच कोई संबंध है या नहीं।
ECL इस मामले में क्या कदम उठा रहा है?
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के अधिकारी लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। वे यह जाँच कर रहे हैं कि खदान में जलभराव से भविष्य में किसी बड़े खतरे की आशंका है या नहीं, और जाँच पूरी होने के बाद ही असली कारण सार्वजनिक किया जाएगा।
क्या बड़ा हादसा टल गया?
सूत्रों के अनुसार उस समय खदान के अंदर कर्मचारियों की संख्या सामान्य से कम थी, जिसके कारण एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। खदान प्रशासन की त्वरित निकासी कार्रवाई को भी बड़े नुकसान से बचने का कारण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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