सिंगापुर के उप PM गान किम योंग का 13-15 अक्टूबर भारत दौरा, दिल्ली-चेन्नई में आर्थिक साझेदारी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री एवं ऊर्जा, व्यापार और उद्योग मंत्री गान किम योंग 13 से 15 अक्टूबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच दीर्घकालिक एवं बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना है। सिंगापुर के ऊर्जा, व्यापार और उद्योग मंत्रालय ने इस यात्रा की पुष्टि की है।
नई दिल्ली में कार्यक्रम
यात्रा के पहले चरण में गान किम योंग 14 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में रहेंगे। इस दौरान वह 8वें ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी (BNE) फोरम में एक विशेष चर्चा सत्र में भाग लेंगे, जिसमें यह विषय केंद्र में रहेगा कि विश्व के विभिन्न देश किस प्रकार आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि गान किम योंग स्वयं BNE सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी हैं।
नई दिल्ली प्रवास के दौरान वह भारत के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार और निवेश संबंध लगातार विस्तार पा रहे हैं।
चेन्नई में उद्योग जगत से संवाद
15 अक्टूबर 2026 को उप प्रधानमंत्री गान चेन्नई की यात्रा करेंगे। तमिलनाडु भारत की दूसरी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था है और एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में सिंगापुर का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार भी है।
निर्माण, बुनियादी ढाँचा, नवीकरणीय ऊर्जा, रियल एस्टेट और डिजिटल सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में सिंगापुर की कंपनियाँ तमिलनाडु में पहले से सक्रिय हैं। चेन्नई में गान किम योंग स्थानीय उद्योग प्रतिनिधियों और सिंगापुर की कंपनियों के अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा करेंगे।
उन्नत विनिर्माण में द्विपक्षीय सहयोग
चेन्नई दौरे में गान किम योंग आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (ITEES) के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे। यह संस्था उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) परियोजना पर कार्यरत है। यह परियोजना सिंगापुर सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत भारत और सिंगापुर के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय पहल के रूप में आकार ले रही है।
उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल
इस दौरे में गान किम योंग के साथ सिंगापुर के ऊर्जा, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय, आर्थिक विकास बोर्ड (EDB) और एंटरप्राइज सिंगापुर के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है। प्रतिनिधिमंडल का यह संयोजन दर्शाता है कि यह यात्रा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक एवं औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का एक सुनियोजित प्रयास है।
आगे आने वाले महीनों में इस दौरे से उभरे संपर्क और संवाद दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश के नए अध्याय खोल सकते हैं।