स्मृति ईरानी का टीएमसी पर तीखा हमला: घुसपैठियों को अपना मानती है टीएमसी

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स्मृति ईरानी का टीएमसी पर तीखा हमला: घुसपैठियों को अपना मानती है टीएमसी

सारांश

भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि टीएमसी घुसपैठियों को अपनाती है, जबकि भारतीयों को पराया मानती है। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

  • स्मृति ईरानी ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • टीएमसी घुसपैठियों को अपनाने का आरोप लगाया गया है।
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीखें तय हैं।
  • चुनाव आयोग की भूमिका पर भी चर्चा की गई है।
  • भाजपा कार्यकर्ता टीएमसी को हटाने का आह्वान कर रहे हैं।

कोलकाता, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के संदर्भ में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़ा प्रहार किया है।

स्मृति ईरानी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "भारत के संविधान ने चुनाव के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की है, लेकिन टीएमसी के गुंडे लगातार इस व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। जिस प्रकार टीएमसी कटाक्ष कर रही है, वह चुनाव आयोग की गरिमा का अपमान है। हर भारतीय नागरिक और मतदाता को इसका विरोध करना चाहिए और टीएमसी सरकार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।"

उन्होंने चुनाव आयोग की प्रशंसा करते हुए कहा, "भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पूरे देश में, विशेषकर पश्चिम बंगाल में, एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के माध्यम से मतदाता सूची को साफ करने का कार्य किया है। चुनाव आयोग ने निर्भीक और पारदर्शी तरीके से यह कार्य किया है। उनका एकमात्र संकल्प है कि मतदाता सूची में कोई घुसपैठिया न रहे और किसी भी मतदाता का नाम दोहरा न हो।"

स्मृति ईरानी ने आगे कहा, "क्या यह संकल्प हर भारतीय का संकल्प नहीं है? फिर टीएमसी क्यों भारतीय नागरिकों को पराया मानती है और घुसपैठियों को अपना मानती है?"

उन्होंने टीएमसी के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा, "जहां कहीं महिलाओं का सम्मान होगा, टीएमसी वहां इसका विरोध करेगी। पश्चिम बंगाल में हर नागरिक, चाहे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का हो, ने देखा है कि टीएमसी सरकार ने भय और भ्रष्टाचार का माहौल कैसे बना दिया है?"

भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी की सरकार ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और विकास को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता नतमस्तक होकर मतदाताओं से अपील कर रहे हैं कि इस बार टीएमसी को हटाकर भाजपा को मौका दें।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों के लिए दो चरणों में विधानसभा चुनाव होगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 4 मई को होगी।

Point of View

जिसमें हर नागरिक की भूमिका सुनिश्चित करना आवश्यक है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

स्मृति ईरानी ने टीएमसी पर क्या आरोप लगाया?
स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि टीएमसी भारतीय नागरिकों को पराया मानती है और घुसपैठियों को अपने पक्ष में रखती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कब होंगे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए दो चरणों में होंगे: पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा।
स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा?
उन्होंने चुनाव आयोग की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने मतदाता सूची को साफ करने का कार्य किया है।
टीएमसी की सरकार के खिलाफ भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा का कहना है कि टीएमसी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को नजरअंदाज किया है।
इस राजनीतिक विवाद का क्या महत्व है?
यह विवाद भारतीय लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है।
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