लिवर के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं ज्यादा चीनी, फास्ट फूड और तेल
सारांश
Key Takeaways
- लिवर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है।
- फास्ट फूड और अधिक चीनी का सेवन कम करें।
- नियमित व्यायाम करें और सक्रिय रहें।
- लिवर की नियमित जांच कराना आवश्यक है।
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाना लिवर के लिए फायदेमंद है।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लिवर हमारे शरीर का एक बेहद आवश्यक अंग है। इसके बिना स्वास्थ्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। लिवर खाने को संसाधित करता है। संतुलित और पौष्टिक भोजन से इसे पोषण मिलता है, जबकि शराब और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ लिवर के लिए अत्यंत हानिकारक साबित हो सकते हैं।
19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शराब के साथ-साथ अधिक चीनी, तेल और फास्ट फूड का सेवन भी लिवर के लिए जहर के समान है। इसलिए गलत खान-पान की आदतें लिवर को धीरे-धीरे कमजोर कर सकती हैं।
दरअसल, लिवर शरीर के लिए एक वेयरहाउस की तरह कार्य करता है। जब हम अत्यधिक कैलोरी वाले भोजन जैसे मीठे पेय, फास्ट फूड, तला-भुना खाना, और अधिक तेल वाले व्यंजन का सेवन करते हैं, तो लिवर में वसा जमा होने लगती है, जिससे फैटी लीवर रोग हो जाता है। यह आगे चलकर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शराब से होने वाले लिवर रोग तो सभी को ज्ञात हैं, लेकिन अब गैर-अल्कोहल फैटी लीवर रोग की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ज्यादा चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा लिवर के ऊतकों में वसा जमा करती हैं, जिससे सूजन होती है और लिवर को नुकसान पहुंचता है। यह स्थिति शराब से होने वाले लिवर रोग जितनी ही खतरनाक हो सकती है और अंततः लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर चार में से एक वयस्क या तो मोटापे का शिकार है या अधिक वजन वाला है। एक अध्ययन में पाया गया है कि देश में 38 प्रतिशत से अधिक वयस्कों को फैटी लीवर है। यह समस्या बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है, लगभग 35 प्रतिशत बच्चों को यह रोग प्रभावित कर रहा है। फास्ट फूड की बढ़ती खपत, फल-सब्जियों की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली इस समस्या को और बढ़ा रही है।
चिंताजनक बात यह है कि यह समस्या चुपके-चुपके बढ़ रही है। प्रारंभिक चरण में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। व्यक्ति सामान्य महसूस करता है, लेकिन अंदर ही अंदर लिवर में वसा जमा होती जाती है। समय के साथ यह फाइब्रोसिस, सिरोसिस और गंभीर जटिलताओं में बदल सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मीठे पेय, कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाई और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। फास्ट फूड, तला-भुना और अधिक तेल वाला खाना कम से कम खाएं। रोजाना ताजी सब्जियां, फल और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं। नियमित व्यायाम करें और सक्रिय रहें, वजन को नियंत्रित रखें। यदि मोटापा, डायबिटीज या परिवार में लिवर रोग का इतिहास है तो नियमित लिवर जांच करवाना न भूलें।