क्या सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर रोक संभव है? भाजपा नेता परिणय फुके ने सराहा

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क्या सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर रोक संभव है? भाजपा नेता परिणय फुके ने सराहा

सारांश

भारतीय जनता पार्टी के नेता परिणय फुके ने सरकारी अधिकारियों के लिए नए सोशल मीडिया दिशानिर्देशों की सराहना की है। क्या ये निर्देश सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोक पाएंगे? जानें इस महत्वपूर्ण कदम के बारे में और क्या बदलाव आने वाला है।

मुख्य बातें

सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए नए दिशानिर्देश जारी हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने सर्कुलर जारी करने का आश्वासन दिया था।
सरकारी संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है।
नागरिकों को प्रशासन से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया है।
राज्य के हित में मुलाकातें जरूरी हैं।

मुंबई, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं विधान परिषद सदस्य परिणय फुके ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर जारी नए दिशानिर्देशों की प्रशंसा की।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक का दुरुपयोग किया जा रहा था। कुछ अधिकारी सरकारी वाहन, कार्यालय, यूनिफॉर्म या आवास का इस्तेमाल कर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते थे, जिससे वे अपनी छवि को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा सकें।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को पिछले विधान परिषद सत्र में उठाया गया था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सर्कुलर जारी करने का आश्वासन दिया था। अब इस सर्कुलर के माध्यम से ऐसे दुरुपयोग पर रोक लगाने की कोशिश की गई है। यह सर्कुलर अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुचित तरीके से सोशल मीडिया का उपयोग करने से रोकेगा। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि यदि कोई इस सर्कुलर का उल्लंघन करता है, तो इसकी शिकायत राज्य प्रशासन से करें।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात के सवाल पर फुके ने कहा कि इसमें कुछ नया नहीं है। मुख्यमंत्री फडणवीस महाराष्ट्र के सभी दलों के नेताओं से मिलते हैं और सभी के लिए काम करते हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी मुलाकातें राज्य के हित में होती हैं और इन्हें राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने इस सर्कुलर को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी से इसका पालन करने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की, ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

सोशल मीडिया का दुरुपयोग एक गंभीर मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भाजपा नेता परिणय फुके का यह कदम निश्चित रूप से सरकारी कामकाज में अनुशासन और पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सरकारी संसाधनों का उचित उपयोग हो और जनता का विश्वास बना रहे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोशल मीडिया पर नए दिशानिर्देश क्या हैं?
नए दिशानिर्देश सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया का अनुचित उपयोग रोकने के लिए हैं, ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो।
परिणय फुके ने इन दिशानिर्देशों की सराहना क्यों की?
उन्होंने कहा कि ये दिशानिर्देश सरकारी कामकाज में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करेंगे।
क्या इस सर्कुलर का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी?
जी हाँ, यदि कोई इस सर्कुलर का उल्लंघन करता है, तो इसकी शिकायत राज्य प्रशासन से की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस