क्या सोमनाथ मंदिर की स्थापना सतयुग में चंद्र देवता ने की थी? : स्वामी स्वप्रकाश

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क्या सोमनाथ मंदिर की स्थापना सतयुग में चंद्र देवता ने की थी? : स्वामी स्वप्रकाश

सारांश

सोमनाथ मंदिर की स्थापना का रहस्य और इसके महत्व पर स्वामी स्वप्रकाश ने विस्तृत चर्चा की है। जानिए सोमनाथ मंदिर के इतिहास, चंद्र देवता की भूमिका और वर्तमान में इसके कायाकल्प की योजना।

Key Takeaways

  • सोमनाथ मंदिर की स्थापना चंद्र देवता ने की थी।
  • यह ज्योतिर्लिंग का सबसे पहला स्थान है।
  • सनातन धर्म को कोई नष्ट नहीं कर सकता।
  • सोमनाथ का कायाकल्प पीएम मोदी द्वारा किया जा रहा है।
  • सोमनाथ जी की ऊर्जा को सभी तक पहुँचाना है।

नोएडा, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वैदिक धर्म संस्थान के ट्रस्टी और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन से जुड़े स्वामी स्वप्रकाश ने बताया कि सोमनाथ मंदिर की स्थापना सतयुग में चंद्र देवता ने की थी। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में देश और विदेश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाकी से जवाब दिए। यहां देखें बातचीत के प्रमुख अंश।

सवाल: सोमनाथ जी का इतिहास क्या है?

जवाब: सोमनाथ जी की स्थापना सतयुग में चंद्र देवता ने की थी। कहा जाता है कि चंद्र देव को अपनी खूबसूरती पर गर्व हो गया था। राजा दक्ष ने उन्हें श्राप दिया कि उनकी खूबसूरती लुप्त हो जाएगी। पश्चाताप के बाद राजा दक्ष ने कहा कि सौराष्ट्र जाकर शिवजी की तपस्या करें। उन्होंने पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ जी की स्थापना की, जो द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले माना जाता है। सभी विष्णु अवतार, जैसे परशुराम, श्रीकृष्ण, और श्रीराम, ने सोमनाथ की साधना की है।

सवाल: आपने हाल ही में कहा था कि अगर एक शिवलिंग तोड़ते हैं तो हजार निकलते हैं। आपके इस बारे में क्या विचार हैं?

जवाब: सनातन धर्म को कोई नष्ट नहीं कर सकता, क्योंकि यह धर्म सभी धर्मों की उत्पत्ति है। अगर कोई इसे नष्ट करने की कोशिश करेगा, तो वो यह महसूस करेगा कि उसने कुछ किया है, लेकिन कुछ समय बाद ये (शिवलिंग) और बड़े हो जाएंगे। जब महमूद गजनवी ने सोमनाथ को क्षति पहुंचाई, तो ज्योतिर्लिंग के मूल अवशेष अग्निहोत्री ने इकट्ठा किए। शंकराचार्य जी ने कहा कि एक हजार साल तक साधना करनी है और इसे गुप्त रखना है।

सवाल: सोमनाथ का मूल शिवलिंग श्रीश्री गुरु जी को सौंपा गया था। अब आगे क्या होगा?

जवाब: यह गुरुदेव ही बेहतर बता सकेंगे। हमारी कोशिश है कि सोमनाथ जी की ऊर्जा देश के हर कोने तक पहुंचे। यह समय भक्ति की लहर जगाने का है।

सवाल: क्या इस मूल शिवलिंग की सोमनाथ मंदिर में स्थापना होगी?

जवाब: जैसा गुरुदेव चाहेंगे। वर्तमान में सोमनाथ कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है।

सवाल: सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण पर जवाहर लाल नेहरू ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को जाने से मना किया था। क्या यह सही था?

जवाब: यह सही है, फिर भी राजेंद्र प्रसाद ने अपने पैसे से यात्रा की।

सवाल: पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर का कायाकल्प किया है, इस पर क्या कहेंगे?

जवाब: यह भारत का सौभाग्य है कि हमारे पास ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो सनातन धर्म की रक्षा कर सकते हैं।

सवाल: देश में फैल रहे सामाजिक विद्वेष को रोकने में आर्ट ऑफ लिविंग का क्या योगदान हो सकता है?

जवाब: रक्त की शुद्धि केवल भक्ति, ज्ञान और ध्यान से संभव है। आर्ट ऑफ लिविंग 186 देशों में मेडिटेशन सिखा रही है।

सवाल: आप आर्ट ऑफ लिविंग का इंटरनेशनल चैप्टर देखते हैं, भारत की विदेश नीति के बारे में आपके विचार?

जवाब: भारत की विदेश नीति संतुलित है। विदेश मंत्री एस जयशंकर एक बेहतरीन उदाहरण हैं।

सवाल: क्या श्रीश्री रविशंकर रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने में मध्यस्थता कर सकते हैं?

जवाब: बिल्कुल, आर्ट ऑफ लिविंग की मौजूदगी वहां मजबूत है।

सवाल: क्या वे अमेरिका को वेनेजुएला पर हमले जैसे मामलों में गाइडेंस दे सकते हैं?

जवाब: यदि आधिकारिक तौर पर अनुरोध किया जाए तो समाधान संभव है।

सवाल: क्या दुनिया विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है?

जवाब: ऐसा नहीं होना चाहिए। भारत का पक्ष शांति की ओर रहेगा।

Point of View

NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

सोमनाथ मंदिर की स्थापना कब हुई थी?
सोमनाथ मंदिर की स्थापना सतयुग में चंद्र देवता द्वारा की गई थी।
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए कौन जिम्मेदार है?
पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्या सोमनाथ मंदिर की स्थापना का कोई ऐतिहासिक महत्व है?
यह मंदिर ज्योतिर्लिंग के रूप में महत्वपूर्ण है और सभी विष्णु अवतारों ने इसकी साधना की है।
सोमनाथ मंदिर की ऊर्जा का क्या महत्व है?
सोमनाथ जी की ऊर्जा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और पहचान को मजबूत करना है।
क्या आर्ट ऑफ लिविंग का समाज पर कोई प्रभाव है?
आर्ट ऑफ लिविंग 186 देशों में मेडिटेशन सिखाकर सामाजिक सुधार का कार्य कर रही है।
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