18 अगस्त 2026
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क्या वाशिंगटन में दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिले?

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क्या वाशिंगटन में दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिले?

सारांश

वाशिंगटन में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने मार्को रुबियो से मुलाकात की। चर्चा का मुख्य विषय व्यापार समझौता रहा। अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। जानिए इस महत्वपूर्ण बैठक के पीछे की कहानी और संभावित प्रभावों के बारे में।

मुख्य बातें

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध मजबूत हो रहे हैं।
मार्को रुबियो और चो ह्यून की मुलाकात महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित रही।
उत्तर कोरिया का परमाणु खतरा एक बड़ा विषय रहा।
अमेरिका-आरओके गठबंधन ने पिछले 70 वर्षों से शांति बनाए रखी है।
ट्रंप प्रशासन नए व्यापार समझौतों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

वाशिंगटन, 1 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने वाशिंगटन में अपने समकक्ष मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बैठक में ट्रेड डील समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति आगामी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका आ रहे हैं, जिसके लिए ह्यून ने तैयारियों की समीक्षा भी की है।

चो ह्यून और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि दो सप्ताह बाद वे व्हाइट हाउस में कोरियाई राष्ट्रपति ली से मिलकर एक नए ट्रेड डील की रूपरेखा तैयार करेंगे।

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, चो और रुबियो की इस मुलाकात में कई मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। इसमें उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय तथा वैश्विक समस्याओं पर समन्वय पर बातचीत की गई।

अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक प्रेस ब्रीफिंग में इस बैठक की जानकारी दी और अमेरिका-कोरिया व्यापार समझौते पर भी टिप्पणी की।

पिगॉट ने कहा, "यह व्यापार समझौता, जो आज विदेश मंत्री रुबियो और कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून की बैठक में हुआ, अमेरिका-आरओके गठबंधन की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। यह गठबंधन पिछले 70 वर्षों से कोरियाई प्रायद्वीप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि का आधार रहा है।"

महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया को आरओके (रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के नाम से संबोधित करता है।

यह माना जा रहा है कि चो और रुबियो इस बैठक के दौरान ली-ट्रंप शिखर सम्मेलन के एजेंडे और समय निर्धारण पर भी चर्चा कर सकते हैं।

इस बीच, कोरिया के उद्योग मंत्री किम जुंग-क्वान (जो व्यापार वार्ता प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं) ने बताया कि ट्रंप राष्ट्रपति ली से जल्द मुलाकात करना चाहते हैं और उन्होंने विदेश मंत्री रुबियो को इस बैठक को शीघ्र तय करने का निर्देश दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री की अमेरिका यात्रा का उद्देश्य क्या था?
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री की अमेरिका यात्रा का मुख्य उद्देश्य ट्रेड डील और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करना था।
क्या इस बैठक में उत्तर कोरिया का मुद्दा भी चर्चा का हिस्सा था?
हाँ, बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे पर भी गंभीर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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