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पद्मश्री सुदर्शन पटनायक बोले — कलाकारों को प्रोत्साहन में PM मोदी की भूमिका अतुलनीय

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पद्मश्री सुदर्शन पटनायक बोले — कलाकारों को प्रोत्साहन में PM मोदी की भूमिका अतुलनीय

सारांश

मोदी के 75वें जन्मदिन पर पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कला को कूटनीति का हिस्सा बनाया है। 'पीएम विश्वकर्मा योजना' से कारीगरों को मिली पहचान और 'ब्लू फ्लैग' तटों की सफाई — पटनायक के अनुसार यही वह बदलाव है जो भारत को दुनिया की नज़रों में नए सिरे से स्थापित कर रहा है।

मुख्य बातें

पद्म श्री सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने 17 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर में PM नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर उनकी कला-नीति की सराहना की।
पटनायक ने कहा कि मोदी विदेश यात्राओं और राजनयिक अवसरों पर भारत की कला व संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हैं।
'पीएम विश्वकर्मा योजना' को पटनायक ने छोटे कारीगरों और शिल्पकारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।
'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत कई भारतीय समुद्र तटों को 'ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन' मिला है।
पटनायक तब से मोदी के कार्यों को फॉलो कर रहे हैं जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

पद्म श्री पुरस्कार विजेता और विश्वविख्यात सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने 17 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कला और कलाकारों को जिस तरह से वैश्विक मंच पर स्थान दिला रहे हैं, वह भारतीय कला जगत के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है। मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर देशभर में जश्न के माहौल में पटनायक ने अपनी बात रखी।

वैश्विक मंच पर भारत की बदलती छवि

पटनायक ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को नई दृष्टि से देख रही है। उनके अनुसार, 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों ने न केवल आर्थिक विकास को गति दी है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया है। उन्होंने कहा, 'दुनिया के नेताओं से लेकर आम लोगों तक, हर कोई भारत की ओर देख रहा है क्योंकि भारत जिस तरह से विकास कर रहा है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।'

पटनायक ने यह भी रेखांकित किया कि जब भी प्रधानमंत्री किसी विदेश दौरे पर जाते हैं, वे भारत की कला और संस्कृति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करते हैं। इसी प्रकार, भारत आने वाले विदेशी अतिथियों को भी देश की समृद्ध कला परंपरा से परिचित कराया जाता है।

व्यक्तिगत प्रोत्साहन का अनुभव

पटनायक ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब भी उन्होंने कोई पुरस्कार जीता, उन्हें प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनका प्रोत्साहन प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मोदी ने उनसे कहा था, 'देश के लिए इसी तरह जीतते रहो, हम मिलते रहेंगे।' पटनायक के अनुसार, एक युवा कलाकार के लिए इस तरह का व्यक्तिगत प्रोत्साहन असाधारण रूप से प्रेरक होता है।

गौरतलब है कि पटनायक तब से मोदी के कार्यों को देख रहे हैं जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यह दीर्घकालिक संबंध उनकी टिप्पणी को विशेष संदर्भ प्रदान करता है।

स्वच्छ भारत और सैंड आर्ट का संगम

एक सैंड आर्टिस्ट के रूप में पटनायक ने बताया कि 'स्वच्छ भारत मिशन' और समुद्र तटों की सफाई के अभियान का उनके काम पर सीधा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के परिणामस्वरूप देश के कई समुद्र तटों को 'ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन' मिला है, जिससे विश्व के समक्ष भारत की एक स्वच्छ और जिम्मेदार छवि उभरी है।

पीएम विश्वकर्मा योजना और कारीगरों का उत्थान

पटनायक ने 'पीएम विश्वकर्मा योजना' का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से देश के छोटे कारीगरों और शिल्पकारों को अपने हुनर को आगे बढ़ाने के लिए ठोस समर्थन और अवसर मिले हैं। उनके अनुसार, ऐसी योजनाओं का असर छोटे गाँवों से लेकर बड़े शहरों तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार संस्कृति, पर्यटन और कला क्षेत्रों में निवेश को नीतिगत प्राथमिकता दे रही है। पटनायक की यह टिप्पणी उन कलाकारों की व्यापक भावना को प्रतिबिंबित करती है जो सरकारी पहलों से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक व्यापक प्रश्न भी उठाती है — क्या सरकारी कला-नीति केवल प्रतिष्ठित पुरस्कार विजेताओं तक सीमित है, या इसका लाभ ज़मीनी स्तर के अज्ञात कलाकारों तक भी पहुँच रहा है? 'पीएम विश्वकर्मा योजना' की घोषणा महत्वाकांक्षी है, किंतु उसके क्रियान्वयन और लाभार्थियों की संख्या पर स्वतंत्र आकलन अभी सीमित है। भारत की सांस्कृतिक कूटनीति तब सशक्त होगी जब वह केवल राजनयिक मंचों की शोभा न बने, बल्कि घरेलू कलाकारों को टिकाऊ आजीविका का अवसर भी दे।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुदर्शन पटनायक कौन हैं और उन्हें क्या पुरस्कार मिला है?
सुदर्शन पटनायक ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित एक विश्वविख्यात सैंड आर्टिस्ट हैं, जो रेत से विशाल और संदेशप्रद कलाकृतियाँ बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
पटनायक ने PM मोदी की किन पहलों की सराहना की?
पटनायक ने 'मेक इन इंडिया', 'स्वच्छ भारत मिशन' और 'पीएम विश्वकर्मा योजना' की विशेष रूप से प्रशंसा की। उनके अनुसार इन पहलों ने कलाकारों, कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन व अवसर दोनों प्रदान किए हैं।
'पीएम विश्वकर्मा योजना' क्या है और इससे किसे फायदा होता है?
'पीएम विश्वकर्मा योजना' केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश के छोटे कारीगरों, शिल्पकारों और पारंपरिक हुनरमंदों को आर्थिक सहायता और बाज़ार से जोड़ने का अवसर देना है। पटनायक ने इसे कला और शिल्प जगत के लिए एक अहम कदम बताया।
भारत के समुद्र तटों को 'ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन' कैसे मिला?
'ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन' एक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार है जो स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल समुद्र तटों को दिया जाता है। पटनायक के अनुसार, 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत तटीय सफाई अभियानों के परिणामस्वरूप भारत के कई समुद्र तटों को यह प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र मिला है।
मोदी के जन्मदिन पर पटनायक ने यह बयान क्यों दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को होता है और इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते हैं। पटनायक ने इस मौके पर एक कलाकार के दृष्टिकोण से मोदी की कला-संस्कृति नीतियों और व्यक्तिगत प्रोत्साहन के अनुभव को साझा किया।
राष्ट्र प्रेस
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