पिनाराई विजयन गलत लोगों के हाथों में पड़े: जी. सुधाकरन का पूर्व सीएम पर बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
निर्दलीय विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता जी. सुधाकरन ने 12 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे 'गलत लोगों के हाथों में पड़ गए हैं।' तिरुवनंतपुरम में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में सुधाकरन ने यह भी याद दिलाया कि किस तरह वे और पार्टी के अन्य अनुभवी नेता अतीत में विजयन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे थे।
पुराने साथी और बिगड़ते रिश्ते
सुधाकरन ने कहा, 'जब विजयन पार्टी के अनुभवी साथियों के साथ थे, तो उन्हें कोई समस्या नहीं थी। जब अच्युतानंदन और उनके बीच कोई मुद्दा उठा, तो हम विजयन के साथ खड़े रहे।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन लोगों ने उनकी मुश्किल घड़ी में साथ दिया, उन्हें आज हाशिए पर धकेला जा रहा है।
79 वर्षीय सुधाकरन पाँच बार विधायक रह चुके हैं और वी. एस. अच्युतानंदन सरकार तथा पिनाराई विजयन की पहली कैबिनेट (2016-21) में मंत्री का पद संभाल चुके हैं। 2021 में उन्हें अंबालापुझा से सीपीआई-एम का टिकट नहीं दिया गया, जिसके बाद पार्टी से उनके संबंध बिगड़ते चले गए।
सोशल मीडिया हमले और पार्टी की चुप्पी
सुधाकरन ने आरोप लगाया कि जब सोशल मीडिया पर उन पर हमले होने लगे — और यह हमले अलाप्पुझा में पार्टी के कुछ नेताओं के समर्थन से किए जा रहे थे — तब पार्टी उनके बचाव में नहीं आई। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो, मैं ऐसी चीज़ों पर ध्यान नहीं देता।'
यह ऐसे समय में आया है जब विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में एफआईआर दर्ज की है, जिसमें पिनाराई विजयन को पहला और उनकी बेटी टी. वीना को दूसरा आरोपी बनाया गया है। सुधाकरन ने इस मामले पर सीधी टिप्पणी से परहेज़ करते हुए कहा, 'मैं इस मामले पर और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।'
अंबालापुझा में ऐतिहासिक जीत
2026 के केरल विधानसभा चुनावों में सुधाकरन ने कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अंबालापुझा में जीत दर्ज की — वह सीट जो लंबे समय से सीपीआई-एम का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी। इस हार ने पार्टी को बड़ा झटका दिया और केरल में वाम मोर्चे की विदाई का प्रतीक बन गई।
गौरतलब है कि विजयन ने यह टिप्पणी भी की थी कि सुधाकरन 'कांग्रेस के हाथों में चले गए हैं।' इस पर पलटवार करते हुए सुधाकरन ने दिल्ली में कांग्रेस के झंडे तले एक कार्यक्रम में सीपीआई-एम के महासचिव एम.ए. बेबी के भाषण का हवाला दिया और पूछा, 'इस पर विजयन का क्या कहना है?' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'बेबी मुझसे जूनियर हैं क्योंकि पार्टी में मैंने ही उनका समर्थन किया था।'
नए मुख्यमंत्री पर राय
नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के बारे में सुधाकरन ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि 'उन्हें अपना काम पता है और वे भ्रष्ट नहीं हैं।' हालाँकि, उन्होंने नई कैबिनेट के अधिकांश सदस्यों के नए होने का हवाला देते हुए कहा कि अभी कोई ठोस राय देना जल्दबाजी होगी।
केरल की राजनीति में यह बयान ऐसे निर्णायक दौर में आया है जब वाम मोर्चे का एक दशक का शासन समाप्त हुआ है और पार्टी के भीतर असंतोष की आवाज़ें अब खुलकर सामने आ रही हैं। सुधाकरन जैसे वरिष्ठ नेताओं का मुखर होना संकेत देता है कि सीपीआई-एम के आंतरिक संकट की परतें अभी और खुलनी बाकी हैं।