12 अक्टूबर 2026
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पिनाराई विजयन गलत लोगों के हाथों में पड़े: जी. सुधाकरन का पूर्व सीएम पर बड़ा हमला

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पिनाराई विजयन गलत लोगों के हाथों में पड़े: जी. सुधाकरन का पूर्व सीएम पर बड़ा हमला

सारांश

पाँच बार विधायक रहे जी. सुधाकरन ने पूर्व सीएम पिनाराई विजयन को सार्वजनिक रूप से घेरा — 'गलत लोगों के हाथों में पड़ गए।' सीएमआरएल-एक्सलॉजिक एफआईआर और 2026 चुनाव में सीपीआई-एम की करारी हार के बीच यह बयान केरल की वाम राजनीति में नई दरारों का संकेत है।

मुख्य बातें

सुधाकरन ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 'गलत लोगों के हाथों में पड़ गए हैं।' 79 वर्षीय सुधाकरन पाँच बार विधायक और दो सरकारों में मंत्री रह चुके हैं; 2021 में उन्हें सीपीआई-एम का टिकट नहीं मिला।
2026 के केरल विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सीपीआई-एम के गढ़ अंबालापुझा में जीत दर्ज की।
विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में विजयन को पहला और उनकी बेटी टी.
वीना को दूसरा आरोपी बनाया है।
सुधाकरन ने नए मुख्यमंत्री वी.डी.
सतीशन को 'कार्यकुशल और भ्रष्टाचार-मुक्त' बताया, लेकिन नई कैबिनेट पर जल्दबाजी में राय देने से परहेज़ किया।

निर्दलीय विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता जी. सुधाकरन ने 12 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे 'गलत लोगों के हाथों में पड़ गए हैं।' तिरुवनंतपुरम में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में सुधाकरन ने यह भी याद दिलाया कि किस तरह वे और पार्टी के अन्य अनुभवी नेता अतीत में विजयन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे थे।

पुराने साथी और बिगड़ते रिश्ते

सुधाकरन ने कहा, 'जब विजयन पार्टी के अनुभवी साथियों के साथ थे, तो उन्हें कोई समस्या नहीं थी। जब अच्युतानंदन और उनके बीच कोई मुद्दा उठा, तो हम विजयन के साथ खड़े रहे।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन लोगों ने उनकी मुश्किल घड़ी में साथ दिया, उन्हें आज हाशिए पर धकेला जा रहा है।

79 वर्षीय सुधाकरन पाँच बार विधायक रह चुके हैं और वी. एस. अच्युतानंदन सरकार तथा पिनाराई विजयन की पहली कैबिनेट (2016-21) में मंत्री का पद संभाल चुके हैं। 2021 में उन्हें अंबालापुझा से सीपीआई-एम का टिकट नहीं दिया गया, जिसके बाद पार्टी से उनके संबंध बिगड़ते चले गए।

सोशल मीडिया हमले और पार्टी की चुप्पी

सुधाकरन ने आरोप लगाया कि जब सोशल मीडिया पर उन पर हमले होने लगे — और यह हमले अलाप्पुझा में पार्टी के कुछ नेताओं के समर्थन से किए जा रहे थे — तब पार्टी उनके बचाव में नहीं आई। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो, मैं ऐसी चीज़ों पर ध्यान नहीं देता।'

यह ऐसे समय में आया है जब विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में एफआईआर दर्ज की है, जिसमें पिनाराई विजयन को पहला और उनकी बेटी टी. वीना को दूसरा आरोपी बनाया गया है। सुधाकरन ने इस मामले पर सीधी टिप्पणी से परहेज़ करते हुए कहा, 'मैं इस मामले पर और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।'

अंबालापुझा में ऐतिहासिक जीत

2026 के केरल विधानसभा चुनावों में सुधाकरन ने कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अंबालापुझा में जीत दर्ज की — वह सीट जो लंबे समय से सीपीआई-एम का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी। इस हार ने पार्टी को बड़ा झटका दिया और केरल में वाम मोर्चे की विदाई का प्रतीक बन गई।

गौरतलब है कि विजयन ने यह टिप्पणी भी की थी कि सुधाकरन 'कांग्रेस के हाथों में चले गए हैं।' इस पर पलटवार करते हुए सुधाकरन ने दिल्ली में कांग्रेस के झंडे तले एक कार्यक्रम में सीपीआई-एम के महासचिव एम.ए. बेबी के भाषण का हवाला दिया और पूछा, 'इस पर विजयन का क्या कहना है?' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'बेबी मुझसे जूनियर हैं क्योंकि पार्टी में मैंने ही उनका समर्थन किया था।'

नए मुख्यमंत्री पर राय

नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के बारे में सुधाकरन ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि 'उन्हें अपना काम पता है और वे भ्रष्ट नहीं हैं।' हालाँकि, उन्होंने नई कैबिनेट के अधिकांश सदस्यों के नए होने का हवाला देते हुए कहा कि अभी कोई ठोस राय देना जल्दबाजी होगी।

केरल की राजनीति में यह बयान ऐसे निर्णायक दौर में आया है जब वाम मोर्चे का एक दशक का शासन समाप्त हुआ है और पार्टी के भीतर असंतोष की आवाज़ें अब खुलकर सामने आ रही हैं। सुधाकरन जैसे वरिष्ठ नेताओं का मुखर होना संकेत देता है कि सीपीआई-एम के आंतरिक संकट की परतें अभी और खुलनी बाकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब पाँच बार के विधायक का खुलकर बोलना संगठन की साख के लिए दोहरी मार है। मुख्यधारा की कवरेज सुधाकरन को 'बागी' की तरह पेश कर देती है — लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सीपीआई-एम अपने वरिष्ठतम नेताओं की उपेक्षा के पैटर्न की जाँच करेगी, या विजयन के बाद के युग में भी वही केंद्रीकरण जारी रहेगा।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी. सुधाकरन ने पिनाराई विजयन पर क्या आरोप लगाए?
सुधाकरन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 'गलत लोगों के हाथों में पड़ गए हैं।' उन्होंने याद दिलाया कि जब अच्युतानंदन और विजयन के बीच विवाद हुआ था, तब वे और पार्टी के अनुभवी नेता विजयन के साथ खड़े रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें पार्टी का समर्थन नहीं मिला।
सुधाकरन और सीपीआई-एम के बीच विवाद कब और क्यों शुरू हुआ?
2021 में सुधाकरन को अंबालापुझा सीट से सीपीआई-एम का टिकट नहीं दिया गया, जिसके बाद पार्टी से उनके संबंध बिगड़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर अलाप्पुझा के पार्टी नेताओं के समर्थन से उन पर हमले होते रहे और पार्टी उनके बचाव में नहीं आई।
सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामला क्या है और इसमें विजयन की भूमिका क्या है?
विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में एफआईआर दर्ज की है, जिसमें पिनाराई विजयन को पहला और उनकी बेटी टी. वीना को दूसरा आरोपी बनाया गया है। सुधाकरन ने इस मामले पर विस्तार से टिप्पणी करने से परहेज़ किया।
2026 के केरल चुनाव में सुधाकरन की जीत कितनी अहम थी?
सुधाकरन ने 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अंबालापुझा से जीत हासिल की — यह सीट लंबे समय से सीपीआई-एम का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी। इस हार ने पार्टी को बड़ा झटका दिया और केरल में वाम मोर्चे की सत्ता के अंत का प्रतीक बन गई।
सुधाकरन ने नए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के बारे में क्या कहा?
सुधाकरन ने कहा कि वी.डी. सतीशन को अपना काम पता है और वे भ्रष्ट नहीं हैं। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि नई कैबिनेट के अधिकांश सदस्य नए हैं, इसलिए अभी कोई ठोस राय देना जल्दबाज़ी होगी — 'इंतज़ार करना होगा।'
राष्ट्र प्रेस
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