केरल की सियासत में नई तकरार: पिनाराई विजयन पर ममकूटथिल का पलटवार, CMRL-Exalogic मामले में जमानत लेने की नसीहत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल ममकूटथिल ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता पिनाराई विजयन पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि विजयन को उनकी कांग्रेस में भूमिका पर सवाल उठाने से पहले CMRL-Exalogic मामले में खुद, अपनी बेटी टी. वीना और दामाद मोहम्मद रियास के लिए जमानत हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। यह वाक्युद्ध उसी दिन सार्वजनिक हुआ जब विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) ने उक्त मामले में विजयन को पहला और वीना को दूसरा आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की।
विधानसभा की टिप्पणी से छिड़ी जंग
विजयन ने सोमवार को केरल विधानसभा में अपने भाषण के दौरान बिना नाम लिए ममकूटथिल पर निशाना साधा था। उन्होंने सवाल किया था कि अडूर में रात के मार्च के दौरान पुलिस की गाड़ी में घुसकर हमला किसने किया और आरोप लगाया कि पुलिस ऐसे व्यक्ति के निर्देशों पर काम कर रही थी जो कांग्रेस का सदस्य भी नहीं है। विजयन का इशारा साफ तौर पर ममकूटथिल की ओर था, जिन्हें पिछले साल यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के चलते कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है।
इसके जवाब में ममकूटथिल ने सोशल मीडिया पर एक कड़े शब्दों वाली पोस्ट में लिखा, 'मिस्टर विजयन, मुझे आपकी और आपकी किचन कैबिनेट की हिस्ट्री याद न दिलानी पड़े, ऐसा न करें।'
CMRL-Exalogic मामला: केंद्र में आई FIR
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सुर्खियों में आया जब VACB ने CMRL-Exalogic मामले में FIR दर्ज की। इस मामले में पिनाराई विजयन पहले और उनकी बेटी टी. वीना दूसरे आरोपी हैं। ममकूटथिल ने तंज कसते हुए सवाल किया कि वीना की कंपनी को हुए कथित भुगतान के मामले में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं को पुलिस कार्रवाई और जेल का सामना क्यों करना पड़ा, और उनका सीपीआई(एम) से क्या संबंध है।
अडूर में हिंसा की पृष्ठभूमि
यह राजनीतिक जुबानी जंग पथानामथिट्टा जिले के अडूर में DYFI और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच लगातार हो रही झड़पों की पृष्ठभूमि में हुई है। इस हिंसा में ममकूटथिल और सीपीआई(एम) के अडूर एरिया सेक्रेटरी मनोज समेत कई लोग घायल हो गए थे। विजयन के आरोप को खारिज करते हुए ममकूटथिल ने स्पष्ट किया कि अडूर में कांग्रेस का नियंत्रण स्थानीय विधायक और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी व ब्लॉक कमेटियों के नेताओं के हाथ में है, न कि उनके हाथ में। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अपने अधिकारियों — सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP), डिप्टी SP और सर्कल इंस्पेक्टर — के प्रति जवाबदेह होती है।
ममकूटथिल की पृष्ठभूमि और कांग्रेस से निष्कासन
गौरतलब है कि राहुल ममकूटथिल को पिछले साल तीन महिलाओं द्वारा यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगने के बाद कांग्रेस से निष्कासित किया गया था। एक मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया और जमानत मिलने से पहले वे कई दिन जेल में रहे। शेष दो मामलों में उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई थी। ममकूटथिल ने अपने साथियों के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वे अपने साथियों पर मुसीबत आने पर उनके साथ खड़े रहेंगे, 'चाहे इसके लिए जान भी देनी पड़े।'
दीर्घकालिक राजनीतिक विरोध का नया अध्याय
यह ताज़ा टकराव दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में एक और अध्याय जोड़ता है। यह तब भी तीखा रहा था जब ममकूटथिल विधायक थे और विजयन मुख्यमंत्री पद पर थे। VACB की FIR और अडूर की हिंसा के साथ-साथ इस वाक्युद्ध ने केरल की राजनीति को नई धार दे दी है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि CMRL-Exalogic मामले में न्यायालय क्या रुख अपनाता है और अडूर में राजनीतिक तनाव का असर प्रदेश की व्यापक सियासत पर कैसे पड़ता है।