क्या सुकांत मजूमदार ने पश्चिम बंगाल में जेईई मेन परीक्षा को स्थगित करने की मांग की?
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. सुकांत मजूमदार की परीक्षा स्थगित करने की मांग महत्वपूर्ण है।
- 23 जनवरी को सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है।
- छात्रों के लिए बेहतर परीक्षा माहौल सुनिश्चित करना आवश्यक है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने पश्चिम बंगाल में 23 जनवरी को आयोजित होने वाली जेईई (मेन) 2026 सेशन-1 परीक्षा को स्थगित करने की अपील की है। इसके लिए उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी को एक पत्र भेजा है।
डॉ. मजूमदार ने पत्र में उल्लेख किया है कि 23 जनवरी को सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एक साथ मनाई जाती हैं। पश्चिम बंगाल में इन उत्सवों का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व अत्यधिक है। इस दिन बड़े पैमाने पर आयोजनों का आयोजन होता है, जैसे सार्वजनिक सभाएं, स्कूल और कॉलेजों का बंद रहना और अन्य व्यवस्थाओं में रुकावट। ऐसे में परीक्षा देने वाले छात्रों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने छात्रों के हित और परीक्षा के उचित संचालन को ध्यान में रखते हुए अनुरोध किया है कि इस तारीख पर निर्धारित जेईई (मेन) परीक्षा को पश्चिम बंगाल में स्थगित या पुनर्निर्धारित किया जाए, ताकि परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो और परीक्षा का माहौल भी अनुकूल हो।
यह पत्र 9 जनवरी को लिखा गया है। राज्य में इन उत्सवों के कारण पहले से ही छुट्टियां घोषित की गई हैं, और कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा तिथि के टकराव पर अपनी चिंताओं का इज़हार किया था। डॉ. मजूमदार को उम्मीद है कि उच्च शिक्षा विभाग और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) इस अनुरोध पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएंगे।
एनटीए ने जेईई मेन 2026 सेशन-1 की परीक्षाएं 21 से 29 जनवरी तक निर्धारित की हैं। 23 जनवरी को होने वाली परीक्षा से प्रभावित छात्रों के लिए यदि कोई बदलाव होता है तो एनटीए जल्द ही नई तिथियां घोषित कर सकता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट्स देखते रहें। यह कदम छात्रों की सुविधा और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।