26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आतिशी का आचरण विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है? सुखबीर सिंह बादल का बयान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आतिशी का आचरण विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है? सुखबीर सिंह बादल का बयान

सारांश

सुखबीर सिंह बादल ने आतिशी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनका आचरण सिख धर्म की भावनाओं का अपमान है। क्या यह मामला सदन में अयोग्यता की ओर बढ़ेगा?

मुख्य बातें

सुखबीर सिंह बादल का बयान विधायिका की गरिमा पर आधारित है।
आतिशी का आचरण विशेषाधिकार का उल्लंघन माना जा रहा है।
सिख धर्म की भावनाओं का अपमान गंभीर मुद्दा है।

चंडीगढ़, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से विपक्ष के नेता आतिशी को सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की। उनका यह बयान आतिशी द्वारा कथित रूप से गुरु साहिबान के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के संदर्भ में आया है।

सदस्य को लिखे पत्र में बादल ने कहा कि वे आतिशी के आचरण से अत्यंत व्यथित हैं, चाहे वह पार्टी अध्यक्ष हों या एक धर्मनिष्ठ सिख। उन्होंने कहा कि विधायी दृष्टिकोण से आतिशी का आचरण विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन और सदन की अवमानना है, जो एक विधायक के लिए अशोभनीय है।

बादल ने कहा कि जो सदस्य सार्वजनिक रूप से गुरु साहिबान और अल्पसंख्यक सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं का अपमान करता है, वह न केवल नैतिक वैधता खो देता है, बल्कि विधायक बने रहने का संवैधानिक अधिकार भी खो देता है। उन्होंने आतिशी की अपमानजनक टिप्पणी को सिख धर्म के अंतर्गत धार्मिक निंदा बताया।

बादल ने कहा कि इस संदर्भ में मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आतिशी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आईपीसी की धारा 153-ए के तहत समुदायों के बीच शत्रुता और असामंजस्य को बढ़ावा देने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश करें। उन्होंने कहा कि ये उकसावे पंजाब और देश के बाकी हिस्सों में अर्जित शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।

बादल ने यह भी कहा कि विश्व भर के सिख उनकी ओर देख रहे हैं और इस मामले ने सिखों के सर्वोच्च धार्मिक-लौकिक प्राधिकरण, अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व वाले पंथिक संस्थानों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने बताया कि सिख गुरु साहिब अकाल पुरख की शाश्वत आध्यात्मिक संप्रभुता और खालसा पंथ की जाति, पंथ, नस्ल, धर्म, भाषा या क्षेत्र से परे ब्रह्मांडीय सत्य और सार्वभौमिक बंधुत्व के लक्ष्यों के प्रति सामूहिक निष्ठा का प्रतीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं दूसरी ओर यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भी एक नई बहस को जन्म दे सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखबीर सिंह बादल का क्या कहना है?
उन्होंने आतिशी के आचरण को गंभीर उल्लंघन बताया है और अयोग्यता की मांग की है।
क्या आतिशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी?
बादल ने कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक कदम नहीं उठाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले