ओटीए गया विंटर टर्म: 253 पुरुष और 28 महिला कैडेट्स को मिला भारतीय सेना में कमीशन, भविष्य के युद्ध में नई तकनीक का महत्व

Click to start listening
ओटीए गया विंटर टर्म: 253 पुरुष और 28 महिला कैडेट्स को मिला भारतीय सेना में कमीशन, भविष्य के युद्ध में नई तकनीक का महत्व

सारांश

पुणे में ओटीए गया की विंटर टर्म पासिंग आउट परेड में 281 नए अधिकारियों को कमीशन मिला। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा की।

Key Takeaways

  • भविष्य के युद्ध क्षेत्र में नई तकनीक का महत्व
  • मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस की भूमिका
  • 281 नए अधिकारियों को इंडियन आर्मी में कमीशन
  • ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई
  • युवाओं को नैतिक साहस और दृढ़ता अपनाने की सलाह

पुणे, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए), गया में विंटर टर्म पासिंग आउट परेड का अवलोकन किया। इस अवसर पर, उन्होंने नए कमीशन्ड ऑफिसर्स को संबोधित करते हुए भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों पर गहन चर्चा की।

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने बताया कि नई तकनीक, सूचना वर्चस्व और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस हाइब्रिड, लगातार चलने वाले और अप्रत्याशित खतरों के बीच भविष्य के युद्ध क्षेत्र को पूरी तरह बदल रहे हैं। उन्होंने युवा लीडर्स से कहा कि वे तेजी से बदलते सुरक्षा माहौल में बुद्धिमानी से फुर्तीले, तकनीक के प्रति जागरूक और ऑपरेशनल रूप से अनुकूल बने रहें।

इस समारोह में एसएससी (टेक) मेन-64 कोर्स के 253 ऑफिसर कैडेट्स और एसएससी (टेक) विमेन-35 कोर्स की 28 महिला कैडेट्स को इंडियन आर्मी में कमीशन दिया गया। कुल 281 नए अधिकारी बने, जो कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी करने के बाद दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं में से एक में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह परेड उनके गर्व भरे सफर का प्रतीक थी, जहां उन्होंने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया।

आर्मी कमांडर ने नए अधिकारियों की मेहनत, लगन और कमिटमेंट की सराहना की। उन्होंने परिवारों और प्रशिक्षकों का भी आभार जताया, जिन्होंने इन युवाओं के चरित्र और इरादों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने भाषण में उन्होंने युद्ध के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। एआई, साइबर स्पेस, और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसी उभरती तकनीकें सूचना वर्चस्व और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के साथ मिलकर भविष्य के युद्ध को नया रूप दे रही हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया, जो 2025 में पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या हुई थी) के जवाब में लॉन्च किया गया था।

इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिससे आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा। यह ऑपरेशन भारतीय सेना की तेज प्रतिक्रिया, मल्टी-डोमेन क्षमताओं के एकीकरण और ऑपरेशनल डॉमिनेंस को साबित करता है।

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि जटिल और अस्थिर वैश्विक-क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच आर्म्ड फोर्सेज विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

युवा लीडर्स से उन्होंने नैतिक साहस, आत्मविश्वास, दया, दृढ़ता और विनम्रता जैसे गुणों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने याद दिलाया कि मिलिट्री लीडरशिप का मूल सिद्धांत सबसे पहले देश की सुरक्षा, सम्मान और भलाई है।

Point of View

जो भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यह युवा लीडर्स की नई पीढ़ी को तैयार करने का संकेत है, जो भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

ओटीए गया में कितने कैडेट्स को कमीशन मिला?
ओटीए गया में कुल 281 कैडेट्स को कमीशन मिला, जिसमें 253 पुरुष और 28 महिला कैडेट्स शामिल हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने किस विषय पर चर्चा की?
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों और नई तकनीक की भूमिका पर चर्चा की।
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले करना था।
भारतीय सेना के नए अधिकारियों को क्या गुण अपनाने की सलाह दी गई?
नए अधिकारियों को नैतिक साहस, आत्मविश्वास, दया, दृढ़ता और विनम्रता जैसे गुण अपनाने की सलाह दी गई।
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने युवा लीडर्स से क्या अपेक्षा की?
उन्होंने युवा लीडर्स से तकनीक के प्रति जागरूक और ऑपरेशनल रूप से अनुकूल रहने की अपील की।
Nation Press