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सूरत में 1.07 करोड़ रुपए के एम्बरग्रीस के साथ तीन यूपी के युवक गिरफ्तार

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सूरत में 1.07 करोड़ रुपए के एम्बरग्रीस के साथ तीन यूपी के युवक गिरफ्तार

सारांश

सूरत के डिंडोली क्षेत्र में तीन युवकों को एम्बरग्रीस के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस rare substance की कीमत 1.07 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जानिए कैसे हुई गिरफ्तारी और इसके पीछे का मामला।

मुख्य बातें

सूरत में 1.07 करोड़ रुपए का एम्बरग्रीस बरामद हुआ।
गिरफ्तार युवक उत्तर प्रदेश के जौनपुर के निवासी हैं।
भारत में एम्बरग्रीस का व्यापार अवैध है।
इस पदार्थ का उपयोग परफ्यूम उद्योग में किया जाता है।
महत्वपूर्ण: समुद्र किनारे मिले एम्बरग्रीस की सूचना तुरंत दें।

सूरत, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सूरत के डिंडोली क्षेत्र में तीन व्यक्तियों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से 1.071 किलोग्राम एम्बरग्रीस बरामद किया, जो स्पर्म व्हेल की आंतों में बनने वाला एक दुर्लभ और मोम जैसा पदार्थ है।

इस अवैध पदार्थ की कीमत लगभग 1.07 करोड़ रुपए बताई गई है, जिसे शहर में छापेमारी के दौरान जब्त किया गया।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में अंबरीश मिश्रा (34) शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का निवासी है और डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का कार्य करता है। अन्य आरोपी सोनू उर्फ बबलू उपाध्याय (40) और संदीप उपाध्याय (35) हैं। ये दोनों भी जौनपुर के निवासी हैं और रिक्शा चालक हैं। वर्तमान में, तीनों सूरत में रह रहे थे।

एम्बरग्रीस एक सफेद और लाल रंग के डिजाइन वाले प्लास्टिक बैग में पाया गया।

डीसीपी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) राजदीपसिंह नकुम ने बताया कि ये लोग यह एम्बरग्रीस लगभग तीन महीने पहले भरूच समुद्र तट के पास धीरू वाघेला और उमेश पलिया से प्राप्त किए थे।

उन्होंने कहा, "पिछले एक सप्ताह से ये लोग इसे बेचने और ग्राहक तलाशने के लिए घूम रहे थे। इसी दौरान किसी को इसकी सूचना मिली और उसने एसओजी को जानकारी दी, जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।"

नकुम ने बताया कि मिश्रा फ्लिपकार्ट में डिलीवरी का काम करता है, जबकि सोनू और संदीप दोनों रिक्शा चालक हैं।

तीनों के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है।

नकुम ने यह भी कहा कि ये लोग सूरत को आर्थिक केंद्र मानकर यहां ग्राहक मिलने की उम्मीद से आए थे, लेकिन ऐसे ग्राहक मिलना संभव नहीं होता।

उन्होंने आगे कहा, "कोई भी कॉस्मेटिक बनाने वाली कंपनी एम्बरग्रीस केवल अधिकृत और सरकारी मान्यता प्राप्त डीलरों से ही खरीदती है। कोई भी कंपनी इस तरह के अवैध स्रोतों से खरीदारी नहीं करती।"

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को समुद्र किनारे एम्बरग्रीस मिले तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। यदि किसी को एम्बरग्रीस मिलता है तो उसे हमेशा वन विभाग या पुलिस से संपर्क कर सरकार के पास जमा कराना चाहिए।

एम्बरग्रीस एक मोम जैसा पदार्थ होता है, जिसमें शुरुआत में बदबू आती है, लेकिन बाद में इससे खुशबू आने लगती है।

इसे परफ्यूम उद्योग में सुगंध को लंबे समय तक टिकाने के लिए उपयोग किया जाता है और इसकी कीमत के कारण इसे 'तैरता हुआ सोना' भी कहा जाता है।

भारत में इसका व्यापार अवैध है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत दंडनीय अपराध है।

तीनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए गुजरात वन विभाग के डुमस कार्यालय को सौंप दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ तीन युवकों को एक दुर्लभ और अवैध पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह मामला न केवल कानून के उल्लंघन का है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के नियमों का भी उल्लंघन करता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में गिरफ्तार युवक कौन हैं?
गिरफ्तार युवक अंबरीश मिश्रा, सोनू उपाध्याय और संदीप उपाध्याय हैं, जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर के निवासी हैं।
इस पदार्थ की कीमत क्या है?
इस पदार्थ की कीमत लगभग 1.07 करोड़ रुपए बताई गई है।
भारत में एम्बरग्रीस का व्यापार कानूनी है?
भारत में एम्बरग्रीस का व्यापार अवैध है और यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत दंडनीय अपराध है।
अगर मुझे एम्बरग्रीस मिले, तो मुझे क्या करना चाहिए?
यदि आपको समुद्र किनारे एम्बरग्रीस मिलता है, तो आपको तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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