क्या तैराकी नदियों और झीलों को पार करने की कला है, जिसने ओलंपिक पदक दिलाए?

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क्या तैराकी नदियों और झीलों को पार करने की कला है, जिसने ओलंपिक पदक दिलाए?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि तैराकी की कला प्रागैतिहासिक काल से शुरू हुई थी? यह न केवल एक जलक्रीड़ा है, बल्कि इसके जरिए मानवता ने ओलंपिक पदक भी जीते हैं। आइए जानते हैं तैराकी के इतिहास और इसके महत्व के बारे में।

Key Takeaways

  • तैराकी की शुरुआत प्रागैतिहासिक काल में हुई थी।
  • 1896 से यह ओलंपिक का हिस्सा है।
  • भारत के युवा तैराकों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ध्यान आकर्षित किया है।
  • तैराकी में चार मुख्य स्ट्रोक होते हैं।
  • रिले रेस में तैराकों का समन्वय महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रागैतिहासिक युग में, नदियों और झीलों को पार करने के लिए मानवता ने तैराकी की शुरुआत की थी। मिस्र की पाषाण युग की गुफाओं में भी भित्तिचित्रों के जरिये मनुष्यों को तैरते हुए दिखाया गया है। ग्रीक पौराणिक कथाओं के साथ-साथ महाभारत और रामायण में भी तैराकी का उल्लेख मिलता है।

तैराकी एक अत्यंत लोकप्रिय जलक्रीड़ा है, जिसमें तैराक पानी में गति और सहनशक्ति के साथ विभिन्न तकनीकों का उपयोग करते हैं। यह न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि फेफड़ों की क्षमता को भी बढ़ाता है।

19वीं सदी की शुरुआत में, ग्रेट ब्रिटेन की नेशनल स्विमिंग सोसाइटी ने तैराकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया, जिसमें अधिकांश तैराक ब्रेस्टस्ट्रोक का उपयोग करते थे।

1880 के दशक में, तैराक फ्रेडरिक कैविल ने दक्षिणी महासागर की यात्रा की और वहां के लोगों को फ्लटर किक के साथ क्रॉल करते देखा। इसके बाद, कैविल ऑस्ट्रेलिया में बस गए और वहां उन्होंने तैराकों को स्ट्रोक की ट्रेनिंग दी, जिसे ऑस्ट्रेलियाई क्रॉल के नाम से जाना जाता है।

तैराकी 1896 ओलंपिक से हर ओलंपिक खेल का हिस्सा रही है। 1912 में महिलाओं की प्रतियोगिता भी शुरू हुई। 2020 टोक्यो ओलंपिक में मिक्स्ड मेडल रिले की भी शुरुआत हुई।

तैराकी में फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक, और बटरफ्लाई जैसे चार स्ट्रोक होते हैं। फ्रीस्टाइल, ब्रेस्टस्ट्रोक, बटरफ्लाई, और आईएम इवेंट्स में तैराक ऊंचाई पर स्थित प्लेटफॉर्म से पानी में गोता लगाते हैं। वहीं, बैकस्ट्रोक में तैराक स्टार्टिंग ब्लॉक से रेस शुरू करते हैं। इस दौरान उन्हें पूल की दीवार को छूना होता है। अगर कोई खिलाड़ी सिग्नल से पहले पूल में गोता लगा लेता है, तो उसे अयोग्य करार दिया जाता है।

रिले रेस के दौरान, जब पानी में मौजूद एक तैराक दूसरे को छू लेता है, तभी अगला तैराक पानी में छलांग लगाकर तैराकी शुरू कर सकता है। ओलंपिक में स्विमिंग पूल 50 मीटर लंबा होता है, जिसे कुल 8 लेन में विभाजित किया जाता है। पेशेवर तैराक 50 (लॉन्ग कोर्स) या 25 मीटर (शॉर्ट कोर्स) में प्रतिस्पर्धा करते हैं।

ओलंपिक की बात करें तो इसमें केवल लॉन्ग कोर्स इवेंट होते हैं। इसमें सबसे छोटी व्यक्तिगत स्पर्धा 50 मीटर फ्रीस्टाइल है, जबकि बैकस्ट्रोक, बटरफ्लाई, और ब्रेस्टस्ट्रोक की सबसे छोटी स्पर्धा 100 मीटर की होती है।

इसके अलावा, मैराथन स्विमिंग में नदियों, झीलों या समुद्र में लंबी दूरी की प्रतिस्पर्धा होती है।

ओलंपिक में तैराकी के खेल में भारत का भविष्य संभावनाओं से भरा है। हाल के वर्षों में युवा तैराकों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, विदेशी कोचिंग, और सरकार एवं फेडरेशन का समर्थन खिलाड़ियों को इस खेल में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर रहा है। उम्मीद है कि भारत जल्द ही पदक की दौड़ में शामिल हो सकता है।

Point of View

तैराकी न केवल एक खेल है, बल्कि यह एक संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। भारत में तैराकी के प्रति बढ़ती रुचि और युवा तैराकों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन, इस खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखता है। हमें अपने तैराकों का समर्थन करना चाहिए ताकि वे विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकें।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

तैराकी का इतिहास क्या है?
तैराकी की शुरुआत प्रागैतिहासिक काल में हुई थी, जब मानवता ने नदियों और झीलों को पार करने के लिए इसे विकसित किया।
ओलंपिक में तैराकी कब से शामिल है?
तैराकी 1896 से हर ओलंपिक खेल का हिस्सा रही है।
भारत में तैराकी का क्या भविष्य है?
भारत में युवा तैराकों के प्रदर्शन से तैराकी के खेल में संभावनाएं बढ़ी हैं।
तैराकी में कौन-कौन से स्ट्रोक होते हैं?
तैराकी में फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक और बटरफ्लाई जैसे चार मुख्य स्ट्रोक होते हैं।
तैराकी में रिले रेस कैसे होती है?
रिले रेस में एक तैराक जब दूसरे तैराक को छूता है, तभी अगला तैराक पानी में छलांग लगाकर तैराकी शुरू कर सकता है।
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