क्या तमिलनाडु में संविदा नर्सों का नियमितीकरण किया जाएगा? सरकार का आश्वासन हड़ताल खत्म कर देगा!
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई, २४ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु सरकार ने संविदा नर्सों के चरणबद्ध नियमितीकरण की प्रक्रिया की शुरुआत की है। पहले चरण में १,००० से अधिक नर्सों को स्थायी सेवा में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस वादे के बाद, हड़ताल पर बैठी नर्सों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एमए सुब्रमणियन ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया, जो नर्सिंग संघों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद लिया गया।
चिकित्सा सेवा भर्ती बोर्ड के माध्यम से भर्ती की गई नर्सें स्थायी नियुक्ति और बेहतर सेवा शर्तों को लेकर राज्यभर में लगातार विरोध कर रही थीं।
मुख्यमंत्री के आदेश पर, स्वास्थ्य मंत्री ने नर्सों के प्रतिनिधियों के साथ १९ दिसंबर, २२ दिसंबर और फिर २४ दिसंबर को वार्ता की और उनकी मांगों का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया।
इसके बाद, राज्य सरकार ने लंबित पदोन्नति को मंजूरी देने और मौजूदा संविदा नर्सों को नियमित करने के लिए अतिरिक्त पद सृजित करने का निर्णय लिया है।
मंत्री ने कहा कि १,००० से अधिक नर्सों को जल्द ही नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा, जबकि अन्य संविदा नर्सों को चरणबद्ध तरीके से स्थायी पदों पर लाया जाएगा।
सुब्रमणियन ने कहा कि पिछली एआईएडीएमके सरकार के दौरान २०१५ में नियुक्त ६,३९५ संविदा नर्सों में से २०२० तक केवल १,८७१ को ही नियमित किया गया था।
इसके विपरीत, २०२१ में डीएमके सरकार के सत्ता में आने के बाद से पिछले साढ़े चार वर्षों में कुल ४,८२५ संविदा नर्सों को स्थायी दर्जा दिया गया है।
केवल २०२४ में ही १,६९३ नर्सों को नियमित किया गया। मंत्री ने हाल के वर्षों में नर्सों के लिए कई कल्याणकारी और करियर उन्नति उपायों की भी जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा १,००० से अधिक नर्सों के चरणबद्ध नियमितीकरण का आश्वासन दिए जाने के बाद, संविदा नर्सों ने औपचारिक रूप से अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है।