8 अगस्त 2026
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टाटानगर में ट्रेनों की लेटलतीफी पर गुस्से का इजहार, विधायक सरयू राय ने किया धरना

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टाटानगर में ट्रेनों की लेटलतीफी पर गुस्से का इजहार, विधायक सरयू राय ने किया धरना

सारांश

टाटानगर स्टेशन पर ट्रेनों की लगातार देरी के खिलाफ विधायक सरयू राय के नेतृत्व में धरना हुआ। विभिन्न संगठनों ने रेल प्रशासन की कार्यशैली पर आक्रोश व्यक्त किया और यात्री सुविधाओं की बहाली की मांग की।

मुख्य बातें

टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की लेटलतीफी पर धरना हुआ।
विधायक सरयू राय ने 21 सदस्यीय समिति बनाने का ऐलान किया।
विभिन्न संगठनों ने यात्री सुविधाओं की बहाली की मांग की।
रेल प्रशासन ने तकनीकी सुधारों का आश्वासन दिया।
धरने में कई प्रमुख सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला।

जमशेदपुर, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टाटानगर स्टेशन और चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों के घंटों विलंब से परिचालन के खिलाफ मंगलवार को विधायक सरयू राय के नेतृत्व में शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया। इस धरने के जरिये आंदोलनकारियों ने रेल प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाओं की बहाली की मांग की।

धरना स्थल पर आयोजित सभा में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी अब सहन करने योग्य नहीं रही है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए जल्द ही 21 सदस्यीय एक सर्वदलीय और सर्वसंगठन समिति बनाई जाएगी।

राय ने चेतावनी दी कि यदि रेल प्रशासन ने यात्री ट्रेनों को समय पर नहीं चलाया, तो जनता को मजबूरन मालगाड़ियों का चक्का जाम करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और रेल मंत्री से मिलकर इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाएगा। विधायक के इस आह्वान पर मारवाड़ी सम्मेलन, सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स, आजसू, विश्व हिंदू परिषद, आदिवासी समाज और मुंडा समाज सहित कई संगठनों ने समर्थन दिया।

संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि ट्रेनों के 4 से 5 घंटे लेट होने के कारण मजदूरों, मरीजों और छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे राजस्व के लालच में मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि पैसेंजर ट्रेनों को बियाबान में खड़ा कर दिया जाता है।

सरयू राय ने रेलवे द्वारा नई ट्रेनें शुरू करने के दावों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि कोविड काल में बंद हुई पुरानी ट्रेनों को ही नई बताकर पेश किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि पिछले पांच वर्षों में वंदे भारत के अलावा कोई प्रभावी नई सेवा शुरू नहीं हुई है।

उन्होंने चक्रधरपुर रेल मंडल की उपेक्षा पर भी सवाल उठाए। धरना स्थल को लेकर रेल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सुबह कुछ तनाव भी देखा गया, क्योंकि रातों-रात धरना स्थल बदल दिया गया था। हालांकि, विधायक के पहुंचने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया गया।

मौके पर पहुंचे सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने स्वीकार किया कि ट्रेनों के परिचालन में विलंब हो रहा है। उन्होंने विधायक को एक आधिकारिक पत्र सौंपते हुए आश्वासन दिया कि तकनीकी सुधारों के जरिए जल्द ही ट्रेनों को समयबद्ध करने का प्रयास किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाटानगर में धरना क्यों हुआ?
टाटानगर में विधायक सरयू राय के नेतृत्व में ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ धरना हुआ।
धरने में कौन-कौन से संगठन शामिल हुए?
धरने में मारवाड़ी सम्मेलन, सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स, आजसू, विश्व हिंदू परिषद, आदिवासी समाज आदि शामिल हुए।
सरयू राय ने क्या कहा?
सरयू राय ने ट्रेनों की लेटलतीफी को बर्दाश्त से बाहर बताया और एक सर्वदलीय समिति बनाने की घोषणा की।
रेलवे प्रशासन ने क्या प्रतिक्रिया दी?
सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने ट्रेनों में विलंब की स्वीकृति दी और सुधार का आश्वासन दिया।
धरने का मुख्य मुद्दा क्या था?
धरने का मुख्य मुद्दा यात्री ट्रेनों की समय पर आवाजाही और यात्री सुविधाओं की बहाली था।
राष्ट्र प्रेस
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