क्या तेजस्वी नायक हैं या खलनायक? सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल का पलटवार

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क्या तेजस्वी नायक हैं या खलनायक? सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल का पलटवार

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव के नायक के दावे की भाजपा नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी के परिवार के संदर्भ में गंभीर सवाल उठाए हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव का 'नायक' का दावा उनके परिवार के इतिहास से प्रभावित है।
भाजपा नेताओं ने तेजस्वी के दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बिहार की राजनीति में विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी के परिवार के घोटालों का जिक्र किया।
यह विवाद बिहार की आगामी चुनावी रणनीतियों को प्रभावित करेगा।

पटना, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के ‘बिहार का नायक’ पोस्टर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने जोरदार पलटवार किया है।

सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस परिवार का इतिहास खलनायकी से भरा हो, जिसके पिता लालू प्रसाद यादव को बिहार का ‘गब्बर सिंह’ कहा जाता हो, और जिसने बिहार को लूटने का कार्य किया हो, उसका बेटा नायक कैसे हो सकता है? बिहार के लोग सब कुछ जानते हैं। जब लालू सत्ता में थे, तब चारा घोटाला और अलकतरा घोटाले जैसे मामले हुए। रेल मंत्री रहते हुए गरीबों से नौकरी के बदले जमीनें ली गईं।

चौधरी ने तेजस्वी से सवाल किया कि बिहार का युवा जानना चाहता है कि वे करोड़पति कैसे बने? इसका राज बताएं, ताकि बिहार के युवाओं को भी मार्गदर्शन मिले।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी के ‘नायक’ दावे को खारिज करते हुए कहा कि एनडीए गठबंधन पांच पांडवों की सेना है, जबकि सामने कौरवों की सेना है। पीएम मोदी ने कहा था कि एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। बाद में राहुल गांधी को जननायक की उपाधि दे दी गई, जो बिहार का अपमान था। बिहार के मतदाताओं ने इस पर आक्रोश जताया तो वह यहां से भाग गए।

जायसवाल ने कहा कि जब ‘जननायक’ का दावा हटा दिया गया, तब अब तेजस्वी ‘नायक’ बनने की बात कर रहे हैं। ये नायक नहीं, खलनायक हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए मुद्दाविहीन लोग ऐसी बातें कर रहे हैं।

लालू प्रसाद यादव के छठ ट्रेन पोस्ट पर जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि लालू यादव अक्सर अपने सोशल मीडिया पोस्ट से अनजान रहते हैं। कुछ लोग उनका अकाउंट प्रबंधित करते हैं और उनकी ओर से ट्वीट करते हैं। दूसरी बात, चलने वाली ट्रेनों की संख्या आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज होती है। लालू यादव केवल अफवाहें फैलाने का काम करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तेजस्वी यादव का नायक के रूप में उभरना और भाजपा नेताओं का पलटवार, यह दर्शाता है कि चुनावी समय में सभी नेता अपने-अपने हितों के लिए किस हद तक जा सकते हैं। इस विवाद का अंत क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने 'नायक' का दावा क्यों किया?
तेजस्वी यादव का 'नायक' का दावा बिहार की राजनीति में अपनी छवि को मजबूत करने और युवाओं को आकर्षित करने के लिए किया गया है।
सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी पर क्या आरोप लगाए?
सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी के परिवार के खलनायकी इतिहास और उनके पिता के घोटालों का जिक्र करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए।
बिहार में चुनावी राजनीति का हाल क्या है?
बिहार में चुनावी राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिसमें सभी दल अपने-अपने हितों की रक्षा के लिए सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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