क्या तेजस्वी नायक हैं या खलनायक? सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल का पलटवार
सारांश
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पटना, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के ‘बिहार का नायक’ पोस्टर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने जोरदार पलटवार किया है।
सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस परिवार का इतिहास खलनायकी से भरा हो, जिसके पिता लालू प्रसाद यादव को बिहार का ‘गब्बर सिंह’ कहा जाता हो, और जिसने बिहार को लूटने का कार्य किया हो, उसका बेटा नायक कैसे हो सकता है? बिहार के लोग सब कुछ जानते हैं। जब लालू सत्ता में थे, तब चारा घोटाला और अलकतरा घोटाले जैसे मामले हुए। रेल मंत्री रहते हुए गरीबों से नौकरी के बदले जमीनें ली गईं।
चौधरी ने तेजस्वी से सवाल किया कि बिहार का युवा जानना चाहता है कि वे करोड़पति कैसे बने? इसका राज बताएं, ताकि बिहार के युवाओं को भी मार्गदर्शन मिले।
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी के ‘नायक’ दावे को खारिज करते हुए कहा कि एनडीए गठबंधन पांच पांडवों की सेना है, जबकि सामने कौरवों की सेना है। पीएम मोदी ने कहा था कि एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। बाद में राहुल गांधी को जननायक की उपाधि दे दी गई, जो बिहार का अपमान था। बिहार के मतदाताओं ने इस पर आक्रोश जताया तो वह यहां से भाग गए।
जायसवाल ने कहा कि जब ‘जननायक’ का दावा हटा दिया गया, तब अब तेजस्वी ‘नायक’ बनने की बात कर रहे हैं। ये नायक नहीं, खलनायक हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए मुद्दाविहीन लोग ऐसी बातें कर रहे हैं।
लालू प्रसाद यादव के छठ ट्रेन पोस्ट पर जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि लालू यादव अक्सर अपने सोशल मीडिया पोस्ट से अनजान रहते हैं। कुछ लोग उनका अकाउंट प्रबंधित करते हैं और उनकी ओर से ट्वीट करते हैं। दूसरी बात, चलने वाली ट्रेनों की संख्या आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज होती है। लालू यादव केवल अफवाहें फैलाने का काम करते हैं।