क्या तेजस्वी यादव आत्ममंथन करेंगे? नहीं तो अगले चुनाव में राजद का यही हाल होगा: अरुण भारती
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव को आत्ममंथन करना चाहिए।
- रोहिणी आचार्य ने जिम्मेदारी लेने की बात कही।
- लीपापोती से समस्याएं हल नहीं होंगी।
- भाजपा की विजय को सराहा गया।
- संविधान का सम्मान करना जरूरी है।
पटना, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार चुनाव में भारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने पार्टी के सांसदों के साथ चर्चा की। इस चर्चा पर उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने एक्स पोस्ट के माध्यम से व्यंग्य किया। रोहिणी के पोस्ट पर समर्थन करते हुए लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव केवल लीपापोती करेंगे, तो यह स्पष्ट है कि जो स्थिति इस चुनाव में बनी, वही अगले चुनाव में भी होगी।
तेजस्वी के सांसदों के साथ संवाद पर रोहिणी आचार्य ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आत्ममंथन करना और जिम्मेदारी लेना अधिक महत्वपूर्ण है। अपने चारों ओर कब्जा जमाए बैठे चिन्हित गिद्धों को हटाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी। बाकी जनता सब जानती है।
रोहिणी के पोस्ट पर सांसद अरुण भारती ने कहा कि जो मैं कहना चाहता हूं, वह रोहिणी आचार्य पहले ही कह चुकी हैं। इसलिए मैं यही कह सकता हूं कि मुझे उम्मीद है कि जब विपक्ष के नेता पार्टी और हार के कारणों की समीक्षा करेंगे, तो यह एक ईमानदार आकलन होगा। अगर लीपापोती की गई, तो अगले चुनावों में वही हाल होगा।
सिंगर एआर रहमान के बयान पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। हमारा देश संविधान से चलता है, और अगर यह संविधान से चलता है, तो उस समय को याद करें जब एआर रहमान बड़ी फिल्में और हिट गाने बनाते थे। वे हालात आज भी हैं। इसके उलट कहना और खुद को पीड़ित दिखाना गलत है। संविधान किसी भी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव की इजाज़त नहीं देता।
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भाजपा गठबंधन को मिली जीत पर लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि भाजपा-एनडीए को प्रचंड बहुमत प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह प्रचंड विजय पीएम मोदी की विकासोन्मुखी नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और डबल इंजन सरकार पर अटूट विश्वास का परिणाम है।