तिरुपति विश्व स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनेगा: चंद्रबाबू नायडू ने ₹3,222 करोड़ की परियोजनाओं का किया शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि तिरुपति को एक विश्व स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत उन्होंने अमरावती स्थित सचिवालय से तिरुपति शहरी विकास प्राधिकरण (TUDA) और तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की कुल ₹3,222 करोड़ की विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन और आधारशिला रखी।
एकीकृत तीर्थ बस्ती: ₹2,750 करोड़ की बड़ी परियोजना
इस पहल का सबसे बड़ा घटक ₹2,750 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाली एकीकृत तीर्थ बस्ती है, जो तिरुपति के अलीपिरी में एसवी जूलॉजिकल पार्क रोड के निकट विकसित की जाएगी। यह परियोजना भारत और विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
इस बस्ती में आवास, अन्नदान (निःशुल्क भोजन), विश्राम सुविधाएँ, परिवहन, पार्किंग, चिकित्सा सेवाएँ और डिजिटल सूचना केंद्र — सभी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब तिरुमाला में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के कारण आधारभूत संरचना पर भारी दबाव बना रहता है।
आवास, भोजन और परिवहन: मुख्य घटनाक्रम
₹1,332 करोड़ की लागत से चार ब्लॉकों में आवास सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। प्रत्येक ब्लॉक में दस मंजिलें होंगी और कुल मिलाकर 2,700 कमरे बनाए जाएंगे, जिनमें प्रतिदिन लगभग 15,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा रहेगी। इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य तिरुमाला के शिखर पर आवास के बढ़ते दबाव को कम करना है।
मुख्यमंत्री नायडू ने अन्नदान को सेवा का सबसे पवित्र रूप बताते हुए कहा कि भूखे श्रद्धालुओं को भोजन कराना और थके हुए तीर्थयात्रियों को आश्रय देना सर्वशक्तिमान की सेवा के समतुल्य है। ₹160 करोड़ की लागत से निर्मित अन्नप्रसाद केंद्र में एक समय में 6,000 श्रद्धालुओं को भोजन कराने की क्षमता होगी।
पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए ₹311 करोड़ की लागत से 4,500 वाहनों की क्षमता वाला एक बहुस्तरीय पार्किंग परिसर बनाया जाएगा। इसके साथ ही ₹90 करोड़ की लागत से 30 बसों वाला एकीकृत परिवहन टर्मिनल भी स्थापित किया जाएगा।
सड़क अवसंरचना: 20 किलोमीटर नेटवर्क का विकास
मास्टर प्लान के तहत तिरुपति की बढ़ती जनसंख्या और वाहन आवाजाही को ध्यान में रखते हुए ₹242 करोड़ की अनुमानित लागत से नौ सड़कों का विकास किया जाएगा। इस परियोजना में कुल लगभग 20 किलोमीटर की सड़कें शामिल हैं — 16.50 किलोमीटर का निर्माण ₹127 करोड़ से और TTD द्वारा 3.60 किलोमीटर का निर्माण ₹115 करोड़ की लागत से किया जाएगा।
गौरतलब है कि इन सड़कों से राष्ट्रीय राजमार्ग 140 और 71 के बीच संपर्क मजबूत होगा और तिरुचनूर स्थित पद्मावती अम्मावरी मंदिर के दर्शनार्थियों के लिए परिवहन व्यवस्था बेहतर बनेगी।
आम जनता और तीर्थयात्रियों पर असर
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम देश के सबसे अधिक देखे जाने वाले धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन औसतन 50,000 से अधिक श्रद्धालु आते हैं। वर्तमान में तीर्थयात्रियों को दर्शन कतारों, आवास की कमी और पार्किंग की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित बुनियादी ढाँचा इन तीनों मोर्चों पर राहत देने का वादा करता है।
यह पहल आंध्र प्रदेश की नायडू सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत धार्मिक पर्यटन को राज्य के आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने की कोशिश है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद तिरुपति का कायाकल्प एक वैश्विक आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में होने की संभावना है।