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आंध्र प्रदेश के हर गांव में बनेंगे योग केंद्र, सीएम चंद्रबाबू नायडू का 21 जून को बड़ा ऐलान

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आंध्र प्रदेश के हर गांव में बनेंगे योग केंद्र, सीएम चंद्रबाबू नायडू का 21 जून को बड़ा ऐलान

सारांश

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हर गांव में स्थायी योग केंद्र, 'योगांध्र' पोर्टल और 15 अगस्त से 'संजीवनी' परियोजना का ऐलान किया। राज्य में 1.07 करोड़ प्रतिभागियों के साथ दो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स भी मिले।

मुख्य बातें

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने 21 जून 2025 को आंध्र प्रदेश के प्रत्येक गांव में स्थायी योग केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
राज्य में वर्तमान में 1.33 लाख योग केंद्रों पर 1 करोड़ से अधिक लोग नियमित योगाभ्यास कर रहे हैं।
योग गतिविधियों के लिए 'योगांध्र' पोर्टल लॉन्च होगा; जिला और मंडल स्तर पर निगरानी अधिकारी नियुक्त होंगे।
15 अगस्त से राज्यव्यापी 'संजीवनी' परियोजना लागू होगी, जिसमें योग शामिल रहेगा।
राज्य को 1.07 करोड़ प्रतिभागियों और 2.5 लाख प्रशिक्षकों की भागीदारी के लिए दो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स प्रमाण पत्र मिले।
अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राज्य आयोजन तिरुपति में होगा।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 21 जून 2025 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में घोषणा की कि आंध्र प्रदेश के प्रत्येक गांव में स्थायी योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य योग को हर घर तक पहुंचाकर नागरिकों को समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।

मुख्य घोषणाएं और योजनाएं

'स्वर्ण ग्राम' और 'स्वर्ण वार्ड' कार्यालयों में स्थायी योग केंद्र बनाए जाएंगे। योग गतिविधियों की निगरानी के लिए जिला और मंडल स्तर पर समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति होगी। मानक योग प्रोटोकॉल तैयार करने हेतु विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, योग गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए 'योगांध्र' नाम से एक विशेष डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 1.33 लाख योग केंद्रों पर एक करोड़ से अधिक लोग नियमित योगाभ्यास कर रहे हैं — यह आंकड़ा अपने आप में आंध्र प्रदेश की योग-प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

कार्यक्रम का आयोजन

सुबह 5 बजे से शुरू हुए इस समारोह में प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। 'योगांध्र' लोगो वाली टी-शर्ट पहने मुख्यमंत्री ने प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और अन्य आसनों का अभ्यास किया। स्टेडियम छात्रों, युवाओं, अधिकारियों और आम नागरिकों से खचाखच भरा रहा।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू, भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा, पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण, कई राज्य मंत्री, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

विश्व रिकॉर्ड और उपलब्धियां

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को मंच पर दो 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' प्रमाण पत्र प्रदान किए गए — राज्य में 1.07 करोड़ लोगों और 2.5 लाख योग प्रशिक्षकों की एकसाथ भागीदारी के लिए। नायडू ने याद दिलाया कि विशाखापत्तनम में आयोजित 'योगांध्र-2025' कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में गिनीज और विश्व रिकॉर्ड बनाए थे।

स्वास्थ्य और जीवनशैली पर जोर

मुख्यमंत्री ने लोगों से जंक फूड और फास्ट फूड से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दे रही है और रसायन-मुक्त भोजन रोगों से बचाव में सहायक है। राज्य में हरित क्षेत्र को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने लोगों से रोज़ाना कम से कम एक घंटा योग, ध्यान और प्राणायाम के लिए निकालने का आग्रह किया।

नायडू ने बताया कि वे स्वयं पिछले 30 वर्षों से नियमित योगाभ्यास करते हैं और व्यस्ततम दिनों में भी योग उन्हें ऊर्जा और मानसिक संतुलन देता है।

आगे की योजना

15 अगस्त से पूरे राज्य में 'संजीवनी' परियोजना लागू की जाएगी, जिसमें योग को एक अनिवार्य घटक के रूप में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन तिरुपति में होगा। योग को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज 190 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि नए गांव-स्तरीय केंद्र कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर कितने सक्रिय रहते हैं। 'योगांध्र' पोर्टल और निगरानी अधिकारियों की नियुक्ति सही दिशा में कदम हैं, पर बिना स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र के ये घोषणाएं महज़ संख्याओं का खेल बन सकती हैं। 'संजीवनी' परियोजना में योग का समावेश स्वास्थ्य नीति को समग्र बनाने की कोशिश है — यदि इसे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए तो दीर्घकालिक प्रभाव संभव है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में हर गांव में योग केंद्र कब तक खुलेंगे?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 21 जून 2025 को इसकी घोषणा की है, लेकिन कोई निश्चित समय-सीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। 'स्वर्ण ग्राम' और 'स्वर्ण वार्ड' कार्यालयों में ये केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
'योगांध्र' पोर्टल क्या है?
'योगांध्र' आंध्र प्रदेश सरकार का एक प्रस्तावित डिजिटल पोर्टल है जो राज्यभर की योग गतिविधियों को एकीकृत और मॉनिटर करेगा। यह पोर्टल जिला व मंडल स्तर पर नियुक्त अधिकारियों के साथ समन्वय में काम करेगा।
'संजीवनी' परियोजना में योग की क्या भूमिका होगी?
15 अगस्त 2025 से पूरे आंध्र प्रदेश में लागू होने वाली 'संजीवनी' परियोजना में योग को एक अनिवार्य घटक के रूप में शामिल किया जाएगा। यह परियोजना नागरिकों के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।
आंध्र प्रदेश को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स कैसे मिले?
21 जून 2025 के कार्यक्रम के दौरान राज्य में 1.07 करोड़ लोगों और 2.5 लाख योग प्रशिक्षकों की एकसाथ भागीदारी के लिए दो 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री को मंच पर प्रदान किए गए।
अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन आंध्र प्रदेश में कहां होगा?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि अगले वर्ष का राज्य स्तरीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह तिरुपति में आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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