आंध्र प्रदेश के हर गांव में बनेंगे योग केंद्र, सीएम चंद्रबाबू नायडू का 21 जून को बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 21 जून 2025 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में घोषणा की कि आंध्र प्रदेश के प्रत्येक गांव में स्थायी योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य योग को हर घर तक पहुंचाकर नागरिकों को समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।
मुख्य घोषणाएं और योजनाएं
'स्वर्ण ग्राम' और 'स्वर्ण वार्ड' कार्यालयों में स्थायी योग केंद्र बनाए जाएंगे। योग गतिविधियों की निगरानी के लिए जिला और मंडल स्तर पर समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति होगी। मानक योग प्रोटोकॉल तैयार करने हेतु विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, योग गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए 'योगांध्र' नाम से एक विशेष डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 1.33 लाख योग केंद्रों पर एक करोड़ से अधिक लोग नियमित योगाभ्यास कर रहे हैं — यह आंकड़ा अपने आप में आंध्र प्रदेश की योग-प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
कार्यक्रम का आयोजन
सुबह 5 बजे से शुरू हुए इस समारोह में प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। 'योगांध्र' लोगो वाली टी-शर्ट पहने मुख्यमंत्री ने प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और अन्य आसनों का अभ्यास किया। स्टेडियम छात्रों, युवाओं, अधिकारियों और आम नागरिकों से खचाखच भरा रहा।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू, भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा, पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण, कई राज्य मंत्री, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
विश्व रिकॉर्ड और उपलब्धियां
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को मंच पर दो 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' प्रमाण पत्र प्रदान किए गए — राज्य में 1.07 करोड़ लोगों और 2.5 लाख योग प्रशिक्षकों की एकसाथ भागीदारी के लिए। नायडू ने याद दिलाया कि विशाखापत्तनम में आयोजित 'योगांध्र-2025' कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में गिनीज और विश्व रिकॉर्ड बनाए थे।
स्वास्थ्य और जीवनशैली पर जोर
मुख्यमंत्री ने लोगों से जंक फूड और फास्ट फूड से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दे रही है और रसायन-मुक्त भोजन रोगों से बचाव में सहायक है। राज्य में हरित क्षेत्र को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने लोगों से रोज़ाना कम से कम एक घंटा योग, ध्यान और प्राणायाम के लिए निकालने का आग्रह किया।
नायडू ने बताया कि वे स्वयं पिछले 30 वर्षों से नियमित योगाभ्यास करते हैं और व्यस्ततम दिनों में भी योग उन्हें ऊर्जा और मानसिक संतुलन देता है।
आगे की योजना
15 अगस्त से पूरे राज्य में 'संजीवनी' परियोजना लागू की जाएगी, जिसमें योग को एक अनिवार्य घटक के रूप में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन तिरुपति में होगा। योग को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज 190 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।