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क्या तिरुप्परनकुंद्रम दीपम विवाद के बीच तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन गिरफ्तार?

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क्या तिरुप्परनकुंद्रम दीपम विवाद के बीच तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन गिरफ्तार?

सारांश

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की गिरफ्तारी ने तिरुप्परनकुंद्रम दीपम विवाद को नई दिशा दे दी है। उनकी गिरफ्तारी के पीछे की वजह और कोर्ट के आदेश पर बनी स्थिति जानें।

मुख्य बातें

नागेंद्रन की गिरफ्तारी ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
कोर्ट का आदेश दीपम जलाने की पुरानी परंपरा से भिन्न है।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कई गिरफ्तारियां की हैं।

मदुरै, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता एच राजा और कई हिंदू संगठनों के सदस्यों के साथ मिलकर कार्तिगई दीपम जलाने के लिए थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर चढ़ने का प्रयास किया, जबकि पुलिस ने उन्हें रोका था।

यह गिरफ्तारी दीपम रस्म के स्थान पर चल रहे विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आई।

विवाद तब और गहरा गया जब मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने आदेश दिया कि दीपम का दीया पहाड़ी की चोटी पर पत्थर के खंभे पर जलाया जाए। यह निर्णय उचिपिल्लैयार मंदिर में जलाने की पुरानी परंपरा से अलग है।

मंदिर प्रशासन ने पहले कोर्ट के आदेश का पालन करने की तैयारी की थी, लेकिन अचानक सारी व्यवस्थाएं रद्द कर दी गईं। इसके बाद, भाजपा, आरएसएस, हिंदू मक्कल कट्ची, अखिल भारत हनुमान सेना, साउथ इंडियन फॉरवर्ड ब्लॉक और अन्य हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन बढ़ने के साथ ही पुलिस ने तिरुप्परंकुंड्रम क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। गुरुवार को यह मामला फिर से कोर्ट में पहुंचा। जस्टिस जीआर स्वामिनाथन ने जिला कलेक्टर द्वारा लगाई गई पाबंदी को रद्द करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिबंध की कोई आवश्यकता नहीं थी।

जज ने यह भी कहा कि पिटीशनर को पहाड़ी की चोटी पर दीया जलाने की अनुमति दी जानी चाहिए और पुलिस कमिश्नर को सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे तक कोर्ट में एक कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा करनी है।

कोर्ट के आदेश के बाद, नागेंद्रन, राजा और हिंदू समूह के सदस्य दीया जलाने के लिए पहाड़ी की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन, पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद, नेताओं ने पहाड़ी के नीचे विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, यह आरोप लगाते हुए कि प्रशासन कोर्ट द्वारा अनुमोदित धार्मिक रस्म में बाधा डाल रहा है।

तनाव बढ़ने पर, पुलिस ने नागेंद्रन, राजा और कई अन्य लोगों को कथित तौर पर रोक के निर्देशों का उल्लंघन करने और सरकारी आदेश के लिए संभावित खतरा पैदा करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील मंदिर क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रोकने के लिए गिरफ्तारियां आवश्यक थीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल एक धार्मिक विवाद का प्रतिनिधित्व करती है, बल्कि यह हमें बताती है कि कैसे धार्मिक परंपराएं और कानून एक-दूसरे के साथ टकराते हैं। यह स्थिति सभी भारतीयों को प्रभावित करती है और हमें एक सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में सोचना चाहिए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागेंद्रन की गिरफ्तारी का कारण क्या था?
नागेंद्रन को पुलिस ने दीपम जलाने की कोशिश के दौरान रोका और सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया।
क्या कोर्ट ने इस मामले में कोई आदेश दिया?
हाँ, मद्रास हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि दीया पहाड़ी की चोटी पर जलाया जाए, लेकिन प्रशासन ने आदेश का पालन नहीं किया।
क्या यह घटना राजनीतिक विवाद का हिस्सा है?
यह घटना धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें हिंदू संगठनों और प्रशासन के बीच टकराव है।
राष्ट्र प्रेस
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