31 जुलाई 2026
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तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पार्टी नेताओं के वाहनों की जांच का आरोप लगाया

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तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पार्टी नेताओं के वाहनों की जांच का आरोप लगाया

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले, तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि उसने टीएमसी नेताओं के वाहनों की जांच के लिए निर्देश जारी किए। क्या यह भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का परिणाम है?

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जांच से बाहर रखा गया है।
वाहनों की जांच का निर्देश भाजपा की राजनीति से संबंधित हो सकता है।
व्हाट्सएप संदेश की प्रामाणिकता विवादित है।
चुनाव आयोग ने धन तस्करी की आशंका जताई है।

कोलकाता, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस संदर्भ में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर आरोप लगाया कि उसने सभी फ्लाइंग सर्विलांस टीम (एफएसटी) को सभी टीएमसी नेताओं और उनके करीबी रिश्तेदारों के वाहनों की जांच करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।

इस जांच में तृणमूल के महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा नरूला बनर्जी भी शामिल हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

तृणमूल ने मंगलवार को एक व्हाट्सएप निर्देश का स्क्रीनशॉट जारी किया, जिसमें कहा गया कि सभी टीएमसी नेताओं के वाहनों की जांच की जानी चाहिए, सिवाय ममता बनर्जी के।

इस स्क्रीनशॉट के अनुसार, चुनाव आयोग ने चिकित्सा और रक्तदान शिविरों के माध्यम से धन की तस्करी की आशंका जताई है और इसलिए टीएमसी नेताओं, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों और उनके रिश्तेदारों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, टीएमसी द्वारा साझा किए गए व्हाट्सएप संदेश की प्रामाणिकता की राष्ट्र प्रेस स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। इस रिपोर्ट के समय तक, न तो चुनाव आयोग और न ही पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।

तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग ने भाजपा द्वारा छेड़ी गई प्रतिशोध की राजनीति के तहत जानबूझकर ऐसे निर्देश दिए हैं।

हालांकि, टीएमसी द्वारा जारी किए गए व्हाट्सएप संदेश के स्क्रीनशॉट की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे हैं। पहले, संदेश में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव का नाम भिन्न रूप में लिखा गया है। एक जगह इसे 'अविसेक' और दूसरी जगह 'अभिषेक' लिखा गया है।

इसके अलावा, व्हाट्सएप संदेश के स्क्रीनशॉट में संबंधित व्यक्ति का उपनाम नहीं दिया गया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यहाँ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव का जिक्र किया गया है या नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाया?
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने उनके नेताओं के वाहनों की जांच के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।
क्या ममता बनर्जी को जांच से बाहर रखा गया है?
हाँ, ममता बनर्जी को इस जांच से बाहर रखा गया है जबकि अन्य टीएमसी नेताओं के वाहनों की जांच की जाएगी।
क्या व्हाट्सएप संदेश की प्रामाणिकता की पुष्टि हुई है?
नहीं, व्हाट्सएप संदेश की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।
क्या चुनाव आयोग ने धन की तस्करी की आशंका जताई है?
हाँ, चुनाव आयोग ने चिकित्सा और रक्तदान शिविरों की आड़ में धन की तस्करी की आशंका जताई है।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई को दर्शाता है, जो पश्चिम बंगाल में चुनावों से पहले महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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