क्या अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? : तृणमूल कांग्रेस माजिद मेमन
सारांश
Key Takeaways
- हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
- राजनीतिक हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
- सच्चाई को उजागर करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी की जांच जरूरी है।
मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के नेता माजिद मेमन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की निष्पक्ष जांच की जोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि कोई नेता विपक्ष का है या सत्तापक्ष का। इस मामले में निष्पक्ष जांच ही आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का कार्य करेगी।
शनिवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखे जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक चश्मे से देखना पूरी तरह से अनुचित है। मैं देख रहा हूं कि राजनीतिक जगत के कई लोग इस पर बयान दे रहे हैं, यह गलत है। हम खुद आगे आकर मांग कर रहे हैं कि इसकी जांच स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराई जाए, ताकि सच्चाई उजागर हो सके।
उन्होंने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनका बयान पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री को बदनाम करने के मकसद से उन पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। लेकिन, सच्चाई यह है कि देशभर में देखा गया है कि ईडी की कार्रवाई सिर्फ विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में ही होती है। ईडी की कार्रवाई हमें उन राज्यों में देखने को नहीं मिलती है, जहां भाजपा की सरकार है। अधीर रंजन चौधरी कह रहे हैं कि ममता बनर्जी चोरों को बचा रही हैं। अब यह तो आगे जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि कौन किसको बचा रहा है।
टीएमसी नेता ने अर्बन लैंड सीलिंग घोटाले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में किसी भी प्रकार का सबूत सामने आता है, तो इसकी जांच होनी चाहिए, चाहे इसमें कोई भी शामिल क्यों न हो।
उन्होंने कहा कि सीएम देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव को लेकर प्रचार में जुटे हुए हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें लोगों के बीच में लैंड सीलिंग घोटाले को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। ये दोनों ही नेता लोगों के बीच में जाकर लोकलुभावन वादे कर रहे हैं। अब इन लोगों को लैंड सीलिंग घोटाले पर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए, ताकि इन लोगों की मौजूदा स्थिति के बारे में भी लोगों को पता चल सके।
उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में जरूरत पड़े, तो सीबीआई की जांच करानी होगी। इतना ही नहीं, एसआईटी की जांच की भी जरूरत पड़े, तो किसी भी प्रकार का विलंब नहीं करना चाहिए, क्योंकि हम चाहते हैं कि सच्चाई जगजाहिर हो।
माजिद मेमन ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब कुछ महीने बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं, तो ऐसी स्थिति में ईडी की कार्रवाई से शक पैदा होता है। ईडी की यह कार्रवाई भाजपा से प्रेरित नजर आती है। ऐसी स्थिति में इसे लेकर सवाल उठना लाजिमी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो यहां तक स्पष्ट कर दिया है कि कोयला घोटाले में प्रत्यक्ष रूप से केंद्रीय गृह मंत्रालय तक का हाथ है। अब यह देखना दिलचस्प हो जाता है कि आगे जांच में किस तरह के तथ्य इस मामले में उभरकर सामने आते हैं।
साथ ही, उन्होंने वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज के बंद होने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को बंद करके जम्मू-कश्मीर के मुस्लिम छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रकार की चुनौतियों को सुनियोजित तरीके से पैदा किया गया है। अगर सिर्फ इसलिए माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को बंद किया गया है कि वहां पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं, तो ये संवैधानिक और सामाजिक दृष्टि से पूरी तरह गलत है।