27 सितंबर 2026
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त्रिपुरा में पर्यटन बना आर्थिक विकास का इंजन: CM माणिक साहा बोले — युवाओं को मिलेगा रोजगार

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त्रिपुरा में पर्यटन बना आर्थिक विकास का इंजन: CM माणिक साहा बोले — युवाओं को मिलेगा रोजगार

सारांश

विश्व पर्यटन दिवस पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने पर्यटन को राज्य की आर्थिक तरक्की का सबसे बड़ा हथियार बताया। जीएसडीपी में पूर्वोत्तर में दूसरे स्थान पर काबिज त्रिपुरा अब नीरमहल से जंपुई तक के पर्यटन खजाने को युवाओं के रोजगार से जोड़ने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

CM माणिक साहा ने 27 सितंबर 2026 को विश्व पर्यटन दिवस पर कहा कि पर्यटन त्रिपुरा की अर्थव्यवस्था का अहम कारक बन रहा है।
त्रिपुरा जीएसडीपी के मामले में पूर्वोत्तर राज्यों में दूसरे स्थान पर है।
सरकार ने कई मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों और पर्यटन स्थलों का विकास व नवीनीकरण किया है।
राज्य सरकार स्किल डेवलपमेंट और स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षण देकर पर्यटन क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
साहा ने एक्स पर पोस्ट कर नीरमहल और जंपुई पहाड़ियों को त्रिपुरा के पर्यटन खजाने के रूप में रेखांकित किया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 27 सितंबर 2026 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर कहा कि पर्यटन राज्य की आर्थिक तरक्की का एक निर्णायक कारक बनकर उभर रहा है और यह क्षेत्र खासतौर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा। अगरतला के बाहरी इलाके में अमताली बाईपास के पास बैष्णबटिला कम्युनिटी हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 138वें एपिसोड को सुनने के बाद मीडिया से बात करते हुए साहा ने यह बात कही।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएँ

मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों और पर्यटन स्थलों का विकास एवं नवीनीकरण किया है, जिसके परिणाम अब दिखने लगे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भाजपा विधायक मीना रानी सरकार और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

साहा ने कहा, 'अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बड़ा योगदान है, जिसमें जीएसडीपी और अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई भी शामिल है। कई देशों और क्षेत्रों में पर्यटन आर्थिक विकास का एक मजबूत ज़रिया बन गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी से राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और बढ़ेगा तथा रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

पूर्वोत्तर में त्रिपुरा की स्थिति

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जीएसडीपी के मामले में त्रिपुरा पहले से ही पूर्वोत्तर राज्यों में दूसरे स्थान पर है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के कई राज्य पर्यटन को अपनी आर्थिक रणनीति का केंद्र बना रहे हैं। गौरतलब है कि त्रिपुरा अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण ऐतिहासिक रूप से कनेक्टिविटी की चुनौतियों से जूझता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में बुनियादी ढाँचे में सुधार से पर्यटकों की पहुँच बढ़ी है।

स्किल डेवलपमेंट पर ज़ोर

साहा ने बताया कि राज्य सरकार स्थानीय समुदायों को कौशल विकास और प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि वे पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में भागीदार बन सकें और इस क्षेत्र का आर्थिक लाभ सीधे तौर पर उठा सकें। उन्होंने पर्यटन अवसंरचना और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

शांति और स्थिरता की अपील

मुख्यमंत्री ने विकास के लिए शांति और स्थिरता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर आर्थिक और सामाजिक विकास केवल शांतिपूर्ण वातावरण में ही संभव है। यह टिप्पणी त्रिपुरा के उस इतिहास के संदर्भ में महत्वपूर्ण है जब राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव की घटनाएँ देखी गई हैं।

एक्स पर CM साहा का संदेश

मुख्यमंत्री साहा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'विश्व पर्यटन दिवस पर, आइए त्रिपुरा की अद्भुत सुंदरता, समृद्ध विरासत और जीवंत संस्कृति का जश्न मनाएं। नीरमहल के साफ पानी से लेकर जंपुई की शांत पहाड़ियों तक, हमारे राज्य में हर यात्री के लिए अविश्वसनीय खजाने हैं।' यह कार्यक्रम भाजपा के बधरघाट मंडल द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी नेता और आम नागरिक शामिल हुए। त्रिपुरा की पर्यटन संभावनाओं को अगर सही नीतिगत समर्थन मिला, तो आने वाले वर्षों में यह राज्य की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे ठोस संख्याओं के समर्थन की ज़रूरत है — पर्यटकों की संख्या में 'बढ़ोतरी' के दावे तब तक अधूरे हैं जब तक वर्ष-दर-वर्ष आँकड़े सार्वजनिक न हों। त्रिपुरा की कनेक्टिविटी और सीमित होटल क्षमता जैसी बुनियादी बाधाएँ अभी भी पर्यटन विस्तार की राह में हैं, जिनका उल्लेख नहीं किया गया। स्किल डेवलपमेंट की बात तो की गई, लेकिन कितने युवाओं को प्रशिक्षण मिला या मिलेगा — यह स्पष्ट नहीं। बिना मापन-योग्य लक्ष्यों और समयसीमा के, यह घोषणा विश्व पर्यटन दिवस की औपचारिकता से आगे नहीं जाती।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM माणिक साहा ने विश्व पर्यटन दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 27 सितंबर 2026 को कहा कि पर्यटन त्रिपुरा की आर्थिक तरक्की का अहम कारक बन रहा है और इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने राज्य में मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के विकास का भी उल्लेख किया।
पूर्वोत्तर में त्रिपुरा की जीएसडीपी रैंकिंग क्या है?
मुख्यमंत्री साहा के अनुसार, जीएसडीपी के मामले में त्रिपुरा पूर्वोत्तर राज्यों में दूसरे स्थान पर है। पर्यटन के विकास से इस रैंकिंग को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
त्रिपुरा सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठा रही है?
राज्य सरकार मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों का विकास व नवीनीकरण कर रही है, पर्यटन अवसंरचना और सेवाओं को बेहतर बना रही है, और स्थानीय समुदायों को कौशल विकास व प्रशिक्षण दे रही है ताकि वे पर्यटन गतिविधियों में भाग ले सकें।
त्रिपुरा में प्रमुख पर्यटन स्थल कौन से हैं?
CM साहा ने नीरमहल के साफ पानी और जंपुई की शांत पहाड़ियों को त्रिपुरा के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों के रूप में रेखांकित किया। इनके अलावा राज्य में कई ऐतिहासिक मंदिर और विरासत स्थल भी हैं जिनका विकास किया जा रहा है।
'मन की बात' के 138वें एपिसोड से त्रिपुरा के नेताओं ने क्या संदेश लिया?
अगरतला के बैष्णबटिला कम्युनिटी हॉल में आयोजित 'मन की बात' के 138वें एपिसोड को सुनने के बाद CM साहा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए पर्यटन और विरासत स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। भाजपा के बधरघाट मंडल ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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