क्या ट्रंप ने शिकागो में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 300 नेशनल गार्ड्स भेजे?

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क्या ट्रंप ने शिकागो में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 300 नेशनल गार्ड्स भेजे?

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो में अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के लिए 300 नेशनल गार्ड्स भेजने का निर्णय लिया है। इस कदम से शहर में बवाल मच गया है। क्या ट्रंप के इस निर्णय से स्थिति और बिगड़ेगी? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ट्रंप का शिकागो में नेशनल गार्ड्स भेजना एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
हिंसा के मामलों में वृद्धि ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
स्थानीय नेताओं का विरोध इस निर्णय के खिलाफ है।
आव्रजन नीतियों पर चर्चा जारी है।
अमेरिकी राजनीति में इस निर्णय का प्रभाव दीर्घकालिक हो सकता है।

न्यूयॉर्क, 5 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक गढ़ शिकागो में अवैध प्रवासियों पर अवरोध लगाने के लिए ऑपरेशन मिडवे ब्लिट्ज की शुरुआत की है। इसके चलते लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और कुछ लोग हिंसा पर उतारू हो गए हैं। शनिवार को अमेरिका के कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमलों के बाद ट्रंप ने शिकागो में 300 नेशनल गार्ड्समैन तैनात करने का निर्णय लिया।

इस संबंध में अमेरिकी प्रांत इलिनॉयस के गवर्नर जेबी प्रित्जकर ने जानकारी दी। प्रित्जकर ने कहा कि शिकागो में संघीय सेना की तैनाती को बार-बार अस्वीकार करने के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप ने वहां 300 नेशनल गार्ड्स तैनात करने का निर्णय लिया है।

व्हाइट हाउस की ओर से इस मामले में कहा गया, "राष्ट्रपति ट्रंप ने केंद्रीय अधिकारियों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 300 नेशनल गार्ड्स को शिकागो में भेजने का आदेश दिया है।" व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अबीगैल जैक्सन ने कहा कि अमेरिकी शहरों में अराजकता देखने को मिल रही है और राष्ट्रपति ट्रंप इसे अनदेखा नहीं कर सकते।

वास्तव में, शनिवार को शिकागो में कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर गंभीर हमला हुआ। लगभग 10 वाहनों ने अधिकारियों की गाड़ी को टक्कर मारी और फिर उसे घेर लिया। इस दौरान अधिकारियों ने एक महिला पर फायरिंग की, जिससे वह घायल हो गई।

ट्रंप की गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा, "शिकागो में, हमारे बहादुर कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला हुआ, दस गाड़ियों ने उन्हें टक्कर मार दी और घेर लिया, जिनमें से एक हमलावर अर्ध-स्वचालित हथियार से लैस था। मैं घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल भेज रही हूं।"

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और सशस्त्र सीमा गश्ती एजेंटों ने प्रदर्शनकारियों पर रासायनिक उत्तेजक पदार्थ फेंके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई देशों में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने का दावा करते हैं, लेकिन उनके अपने देश में उन्हें अपनी नीतियों के कारण विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपराध पर नियंत्रण और आव्रजन प्रवर्तन एजेंटों को मजबूत करने के लिए कई शहरों, विशेष रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी शासित शहरों में नेशनल गार्ड भेजने की योजना बनाई थी। उन्होंने अगस्त में ही वाशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड तैनात किया था। पिछले हफ्ते, ट्रंप प्रशासन ने शिकागो की 2.1 अरब अमेरिकी डॉलर की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी रोक लगा दी थी।

व्हाइट हाउस के बजट निदेशक रसेल वॉट ने एक्स पर कहा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि धन का प्रवाह जाति-आधारित अनुबंधों के माध्यम से न हो, इन संपत्तियों पर रोक लगाई गई थी।"

-- राष्ट्र प्रेस

केके/वीसी

संपादकीय दृष्टिकोण

हम मानते हैं कि ट्रंप का यह निर्णय बहुत संवेदनशील है। इसे राजनीतिक रूप से समझा जाना चाहिए, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें सही जानकारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने शिकागो में क्यों नेशनल गार्ड्स भेजे?
डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो में अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई करने के लिए 300 नेशनल गार्ड्स भेजने का निर्णय लिया है, क्योंकि हालात गंभीर हो गए हैं।
क्या शिकागो में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं?
हां, हालिया घटनाओं के अनुसार, शिकागो में कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमले और विरोध प्रदर्शनों की घटनाएं बढ़ रही हैं।
ट्रंप का यह निर्णय राजनीतिक रूप से क्या प्रभाव डालेगा?
यह निर्णय ट्रंप की प्रशासनिक नीतियों पर सवाल उठाता है और उनके खिलाफ राजनीतिक विरोध को और बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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