क्या ट्रंप ने पीएम मोदी को 'अच्छा आदमी' बताया और रूस से तेल खरीदने पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी?

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क्या ट्रंप ने पीएम मोदी को 'अच्छा आदमी' बताया और रूस से तेल खरीदने पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी?

सारांश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए रूस से तेल खरीदने पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी। क्या भारत अपनी ऊर्जा नीति में बदलाव करेगा? जानिए इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तृत जानकारी।

Key Takeaways

  • ट्रंप ने मोदी की सराहना की।
  • रूस से तेल खरीदने पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी।
  • भारत ने ऊर्जा नीतियों में बदलाव किया है।
  • अमेरिका का व्यापार दबाव बढ़ सकता है।
  • ग्राहम का कानून टैरिफ लगाने का अधिकार देगा।

वॉशिंगटन, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। हालांकि, उन्होंने रूस से तेल खरीदने पर फिर से टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी भी दी। ट्रंप ने पीएम मोदी को रूसी तेल की खरीद को कम करने के लिए 'अच्छा आदमी' कहा है।

स्थानीय समयानुसार रविवार को फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच से व्हाइट हाउस लौटते समय एयर फोर्स वन पर ट्रंप ने मीडिया से कहा, "मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत ने रूस से ऊर्जा की खरीद को लेकर वॉशिंगटन की नाराजगी समझने के बाद अपनी नीतियों में बदलाव किया है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम के जवाब देने के दौरान ट्रंप ने कहा, "वे वास्तव में मुझे खुश करना चाहते थे। हां, पीएम मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था, और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं, और हम उस पर बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकते हैं।"

ग्राहम ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के दबाव के कारण भारत को पहले ही रूसी तेल की खरीद में काफी कमी करनी पड़ी है। यह कदम यूक्रेन में युद्ध की जारी स्थिति को कमजोर करने में मदद कर रहा है।

ग्राहम ने ट्रंप के द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को श्रेय दिया और कहा कि इस कदम के स्पष्ट परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उन्होंने भारत के साथ जो किया, वही मुख्य कारण है कि भारत अब काफी कम रूसी तेल खरीद रहा है।"

ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि भारत अपनी नीतियों में बदलाव करता है तो टैरिफ का दबाव तेजी से बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, "हम उन पर बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकते हैं। व्यापार का फायदा पूरी तरह से अमेरिका के हाथों में है।"

ग्राहम ने बताया कि उनका कानून राष्ट्रपति को उन देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार देगा जो रूस से सस्ता ऊर्जा खरीदना जारी रखते हैं। उन्होंने कहा, "अगर आप पुतिन की युद्ध मशीन को चालू रखने के लिए सस्ता रूसी तेल खरीद रहे हैं, तो हम राष्ट्रपति को यह कठिन निर्णय लेने की क्षमता देने की कोशिश कर रहे हैं।"

ग्राहम ने कहा कि 85 को-स्पॉन्सर्स के समर्थन वाला यह बिल, राष्ट्रपति को जीरो से 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने की अनुमति देगा। इसके परिणाम पहले से ही दिखने लगे हैं।

उन्होंने कहा, "मैं करीब एक महीने पहले भारतीय राजदूत के घर पर था, और वह यही बात करना चाहते थे कि वे रूस से कम तेल कैसे खरीद रहे हैं। यह काम करता है।"

ट्रंप ने अपनी नीतियों की तुलना पूर्व की बाइडेन सरकार से की, जिस पर आरोप लगाया कि उसने यूक्रेन को बड़ी रकम दी। उन्होंने कहा, "बाइडेन ने 350 बिलियन डॉलर दिए। अब हमें पैसे मिलते हैं।"

Point of View

यह घटना भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की जटिलता को उजागर करती है। मोदी सरकार को अमेरिका के दबावों का सामना करते हुए अपनी ऊर्जा नीति को संतुलित करना होगा। यह स्थिति न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

ट्रंप ने मोदी को किस बात के लिए सराहा?
ट्रंप ने मोदी को रूस से तेल खरीद में कटौती करने के लिए 'अच्छा आदमी' कहा है।
रूस से तेल खरीदने पर भारत को क्या खतरा है?
यदि भारत अपने तेल खरीद में बदलाव नहीं करता है, तो अमेरिका टैरिफ बढ़ा सकता है।
सीनेटर ग्राहम का क्या कहना है?
ग्राहम ने कहा कि भारत ने अमेरिकी टैरिफ के दबाव में रूस से तेल खरीद में कमी की है।
क्या ट्रंप की चेतावनी का असर होगा?
अगर भारत अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता है, तो टैरिफ का दबाव बढ़ सकता है।
बाइडेन और ट्रंप की नीतियों में क्या अंतर है?
ट्रंप ने बाइडेन पर यूक्रेन को बड़ी रकम देने का आरोप लगाया है।
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