पटियाला हाउस कोर्ट ने उदय भानु चिब को चार दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा
सारांश
Key Takeaways
- उदय भानु चिब को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
- सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
- पुलिस ने सात दिन की कस्टडी की मांग की थी।
- बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी का विरोध किया।
- इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे उठाए गए हैं।
नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का फैसला सुनाया। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
उदय भानु चिब को मंगलवार सुबह अदालत में पेश किया गया, जहाँ सुनवाई के पश्चात कोर्ट ने अपने निर्णय को सुरक्षित रखा और दोपहर 12:30 बजे आदेश सुनाने की बात कही। दिल्ली पुलिस ने अदालत से चिब की सात दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, यह कहते हुए कि चिब कथित साजिश में शामिल रहे हैं और प्रदर्शनकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान किए थे।
पुलिस का कहना था कि विभिन्न स्थानों से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए आरोपी को विभिन्न स्थानों पर ले जाना आवश्यक है। इसी आधार पर विस्तृत पूछताछ के लिए लंबी कस्टडी की मांग की गई। पुलिस के वकील ने बताया कि प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी चिब कर रहे थे और जो लोग भारत मंडपम पहुंचे थे, वे उनके निर्देश पर वहां गए थे।
पुलिस ने यह भी तर्क दिया कि घटना के समय बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि मौजूद थे और इस घटनाक्रम ने वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और एकता जैसे गंभीर मुद्दे प्रभावित हुए हैं।
वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस कस्टडी की मांग का कड़ा विरोध किया। चिब के वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल ने हमेशा जांच में सहयोग किया है और गिरफ्तारी अनावश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल टी-शर्ट की बरामदगी के लिए पुलिस कस्टडी की मांग करना हास्यास्पद है। बचाव पक्ष का तर्क था कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
बताया गया कि पुलिस ने मंगलवार सुबह चिब को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।