अक्षर पटेल ने कहा, फील्डिंग है मैच का सबसे अहम फैक्टर
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली कैपिटल्स की हार का मुख्य कारण फील्डिंग रही।
- चेन्नई सुपर किंग्स ने 212 रन बनाए।
- अक्षर पटेल ने गेंदबाजों की तारीफ की।
- दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति चौथे स्थान पर है।
- संजू सैमसन ने नाबाद 115 रन बनाए।
चेन्नई, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा है। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ 23 रन से मिली इस हार के बाद डीसी के कप्तान अक्षर पटेल ने कहा कि फील्डिंग ही इस मैच में सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर साबित हुई।
पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने 2 विकेट के नुकसान पर 212 रन बनाए। इस पारी में संजू सैमसन ने 56 गेंदों में 115 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि आयुष म्हात्रे 59 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुए।
दिल्ली कैपिटल्स ने जवाब में 189 रन पर सिमट गई। इस पारी में पथुम निसांका ने 41 रन बनाए, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने 38 गेंदों में 3 छक्कों और 4 चौकों के साथ 60 रन की पारी खेली। विपक्षी टीम के जेमी ओवरटन ने 18 रन देकर 4 विकेट निकाले, जबकि अंशुल कंबोज ने 3 विकेट लिए।
दिल्ली कैपिटल्स ने 4 में से 2 मैच हारकर प्वाइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर जगह बनाई है, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स ने लगातार 3 हार के बाद पहली जीत हासिल की है और यह टीम 9वें स्थान पर आ गई है।
मुकाबला हारने के बाद डीसी के कप्तान अक्षर पटेल ने कहा, "हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए पावरप्ले के बाद हमने जल्दी दो-तीन विकेट गंवा दिए, जिससे हमारी लय टूट गई। मेरी राय में फील्डिंग ही इस मैच का सबसे बड़ा फर्क साबित हुई।"
उन्होंने आगे कहा, "जब भी विकेट गिरे, वे जोड़ी में गिरे, जिससे स्थिति और कठिन हो गई। विकेट लगातार एक समूह में गिरे और इससे हमारा मोमेंटम प्रभावित हुआ। मुझे लगता है कि बल्लेबाजों ने ठीक से काम किया, लेकिन कुल मिलाकर हमारी फील्डिंग कमजोर रही, क्योंकि 213-215 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था।"
हालांकि हार के बावजूद, अक्षर पटेल ने गेंदबाजों की सराहना करते हुए कहा, "मैं गेंदबाजों को श्रेय देना चाहूंगा, उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और विपक्षी टीम को लगभग 215-217 रन पर रोका। यह बल्लेबाजी के लिए एक बेहतरीन पिच थी। लेकिन जैसा कि मैंने कहा, अगर हमने फील्डिंग में एक-दो कैच नहीं छोड़े होते, तो नतीजा अलग हो सकता था।"