क्या पद्म भूषण मिलने पर उदय कोटक ने कहा-भारत को और महान बनाने का लंबा सफर अभी बाकी है?

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क्या पद्म भूषण मिलने पर उदय कोटक ने कहा-भारत को और महान बनाने का लंबा सफर अभी बाकी है?

सारांश

उदय कोटक ने पद्म भूषण सम्मान मिलने पर कहा है कि भारत को महान बनाने का सफर अभी बाकी है। उनका मानना है कि भारतीय बैंकिंग में उनके योगदान के साथ ही, हमें और भी अधिक मेहनत करनी होगी।

मुख्य बातें

उदय कोटक का पद्म भूषण सम्मान भारतीय बैंकिंग में उनके योगदान को मान्यता है।
भारत के विकास में उदय कोटक की यात्रा प्रेरणादायक है।
उदय कोटक ने व्यवसाय में ईमानदारी और पारदर्शिता का पालन किया।
आर्थिक उदारीकरण ने नए अवसरों का सृजन किया।
छोटी शुरुआत से एक बड़ा बैंकिंग समूह बना।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अनुभवी बैंकर और उद्योगपति उदय कोटक ने सोमवार को कहा कि पद्म भूषण सम्मान मिलने पर वह खुद को विनम्र और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

सरकार ने रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसमें वित्तीय क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए उदय कोटक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

उदय कोटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज का भारत उस भारत से बिल्कुल अलग है, जिसमें मेरा जन्म हुआ था। यह सफर बहुत रोमांचक रहा है। इस गणतंत्र दिवस पर हम कई रास्तों के चौराहे पर खड़े हैं।"

उन्होंने कहा, "मैंने कर्म का रास्ता चुना है, जिसमें सावधानी भी है, आगे बढ़ने की इच्छा भी है और जमीनी हकीकतों को समझने की समझ भी है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम सभी मिलकर भारत को और महान बनाएंगे। हमें अभी बहुत लंबा सफर तय करना है।"

'पद्म भूषण' सम्मान के जरिए भारतीय बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था में उदय कोटक के लंबे और गहरे प्रभाव को पहचाना गया है। साथ ही, आर्थिक उदारीकरण के बाद एक मजबूत और भरोसेमंद निजी वित्तीय संस्था बनाने में उनकी भूमिका को भी सम्मान मिला है।

उदय कोटक की यात्रा को भारत के वित्तीय क्षेत्र की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक माना जाता है। 1990 के शुरुआती वर्षों में कोटक फाइनेंस ने ऑटो लोन, निवेश बैंकिंग और शेयर ब्रोकिंग जैसे क्षेत्रों में काम बढ़ाया, जब भारत की अर्थव्यवस्था खुल रही थी।

1991 के आर्थिक उदारीकरण ने निजी वित्तीय संस्थानों के लिए नए मौके पैदा किए। जब उदय कोटक ने अपना काम शुरू किया, तब वह किसी बड़े कारोबारी परिवार से नहीं थे और न ही उन्हें बड़े निवेशकों का सहारा मिला था।

शुरुआत में कई लोग नई कंपनी को पैसा देने से हिचकिचाते थे। इन चुनौतियों के बावजूद उदय कोटक ने ईमानदारी, पारदर्शिता और कम जोखिम वाले कर्ज के सिद्धांतों पर अपना कारोबार खड़ा किया।

उनके फैसले जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिए जाते थे। कंपनी की शुरुआती तरक्की परिवार और दोस्तों से लिए गए 30 लाख रुपए के कर्ज से शुरू हुई, जिससे बिल डिस्काउंटिंग का कारोबार शुरू किया गया।

समय के साथ यही छोटी शुरुआत आगे चलकर भारत के सबसे बड़े निजी बैंकिंग समूहों में से एक की मजबूत नींव बन गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की विकास यात्रा का एक प्रतीक है। उनके विचारों में एक गहरी जिम्मेदारी का भाव है, जो न केवल उन्हें, बल्कि पूरे देश को प्रेरित करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदय कोटक को कब पद्म भूषण सम्मान मिला?
उदय कोटक को पद्म भूषण सम्मान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मिला।
उदय कोटक ने अपने सम्मान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उदय कोटक ने कहा कि वे विनम्र और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
उदय कोटक का भारत के वित्तीय क्षेत्र में क्या योगदान है?
उदय कोटक ने भारतीय बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
राष्ट्र प्रेस