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क्या यूएनएससी में इजरायल ने पाकिस्तान को ओसामा बिन लादेन की याद दिलाई?

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क्या यूएनएससी में इजरायल ने पाकिस्तान को ओसामा बिन लादेन की याद दिलाई?

सारांश

यूएनएससी की एक आपातकालीन बैठक में पाकिस्तान ने इजरायल की निंदा की, लेकिन इजरायल ने पाकिस्तान को ओसामा बिन लादेन के खात्मे का हवाला देकर पलटवार किया। यह बहस अंतरराष्ट्रीय राजनीति के दांव-पेंच को उजागर करती है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान ने इजरायल पर निंदा का प्रयास किया।
इजरायल ने ओसामा बिन लादेन का उदाहरण दिया।
बैठक में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की जटिलताएँ उजागर हुईं।

नई दिल्ली, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में पाकिस्तान ने दोहा अटैक को लेकर इजरायल को घेरने का प्रयास किया, लेकिन उनका दांव उल्टा पड़ गया! जवाबओसामा बिन लादेन की याद दिलाई।

गुरुवार को यह तीखी बहस यूएनएससी की एक आपातकालीन बैठक में हुई, जिसका एजेंडा 'मध्य पूर्व की स्थिति' पर चर्चा था। इस बैठक का अनुरोध अल्जीरिया, पाकिस्तान और सोमालिया ने किया था और इसे फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम का समर्थन प्राप्त था।

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने अपने संबोधन की शुरुआत इजरायली हमले की कड़ी निंदा से की। उन्होंने इसे गैरकानूनी और कतर की संप्रभुता के खिलाफ बताया।

उन्होंने कहा, "यह गैरकानूनी हमला कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि इजरायल की आक्रामकता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का हिस्सा है जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करता है।"

वहीं, पाकिस्तान के निंदा प्रस्ताव का इजरायल ने सधा हुआ जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि डैनी डैनॉन ने शुरुआत में यूएनएससी को संबोधित करते हुए पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन के खात्मे वाले अमेरिकी अभियान का हवाला दिया।

उन्होंने कहा, "जब पाकिस्तान में बिन लादेन का सफाया हुआ था, तो सवाल यह नहीं पूछा गया था कि विदेशी धरती पर एक आतंकवादी को क्यों निशाना बनाया गया। सवाल यह था कि एक आतंकवादी को पनाह क्यों दी गई? आज भी यही सवाल पूछा जाना चाहिए। बिन लादेन को कोई छूट नहीं है और हमास को भी कोई छूट नहीं मिल सकती।"

इस पर, पाकिस्तान ने तुरंत अपने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और राजदूत अहमद ने इस तुलना को "अस्वीकार्य, वास्तव में हास्यास्पद" बताते हुए खारिज किया।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बाद, इजरायली राजदूत सदन में वापस आए और पाकिस्तान समेत अन्य सहयोगी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "हो सकता है कि उन्हें मेरे शब्दों से ठेस पहुंची हो, लेकिन मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मेरे भाषण तथ्यों पर आधारित हैं। और सच तो यह है कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया था, और किसी ने भी इसके लिए अमेरिका की निंदा नहीं की। जब दूसरे देश आतंकवादियों पर हमला करते हैं, तो भी कोई उनकी निंदा नहीं करता।"

उन्होंने आगे कहा, "आप इस तथ्य को नहीं बदल सकते कि 9/11 हुआ था, और आप इस तथ्य को भी नहीं बदल सकते कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में था और आपकी जमीन पर मारा गया था। जब आप हमारी आलोचना करते हैं—और मुझे यकीन है कि आप ऐसा करते रहेंगे—तो उन मानकों के बारे में सोचें जो आप अपने देश पर लागू करते हैं और उन मानकों के बारे में जो आप इजरायल पर लागू करते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में दोहरे मापदंड काम करते हैं। पाकिस्तान और इजरायल दोनों को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएनएससी में क्या हुआ?
यूएनएससी की बैठक में पाकिस्तान ने इजरायल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिसे इजरायल ने ओसामा बिन लादेन का हवाला देकर पलटवार किया।
इजरायल ने पाकिस्तान को क्या याद दिलाया?
इजरायल के राजदूत ने ओसामा बिन लादेन के खात्मे का हवाला देते हुए पाकिस्तान पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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