यूपी भाजपा SC मोर्चा: 6 क्षेत्रों में 95 जिला अध्यक्ष नियुक्त, पंकज चौधरी की मंजूरी से सूची जारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 11 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा के 95 जिला अध्यक्षों की सूची जारी की, जो प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों — पश्चिम, बृज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर — को कवर करती है। यह नियुक्तियाँ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की स्वीकृति से जारी हुई हैं और पार्टी की जमीनी संगठन-विस्तार रणनीति का हिस्सा बताई जा रही हैं।
क्षेत्रवार नियुक्तियों का ब्यौरा
पश्चिम क्षेत्र में कुल 19 जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनमें रामपुर से सुशील दिवाकर, मुरादाबाद जिला से रविंद्र सिंह रैदास, मुरादाबाद महानगर से सिद्धांत भारती वाल्मीकि, संभल से महावीर जाटव, अमरोहा से संजय वाल्मीकि और बिजनौर से पीयूष राज शामिल हैं। सहारनपुर जिला से दुष्यंत सिंह, सहारनपुर महानगर से वरदान घावरी, मुजफ्फरनगर से यशवीर सिंह और शामली से जगदेव सिंह को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मेरठ जिला में कुलदीप मसूरी, मेरठ महानगर में विनोद जाटव, हापुड़ में संजय वाल्मीकि, बागपत में रविंद्र आर्य, गाजियाबाद जिला में अमित तिसावर, गाजियाबाद महानगर में वेदप्रकाश जाटव, नोएडा महानगर में अजय वाल्मीकि, गौतमबुद्धनगर में सचिन गौतम और बुलंदशहर में राहुल वाल्मीकि को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
बृज, कानपुर और अवध क्षेत्र की नई टीम
बृज क्षेत्र में 18 नाम शामिल हैं — आगरा जिला से सोनू दिवाकर, आगरा महानगर से हर्ष दिवाकर, मथुरा जिला से सतीश कुमार वाल्मीकि, मथुरा महानगर से बृजमोहन, फिरोजाबाद जिला से अखिलेश गौतम और फिरोजाबाद महानगर से हरिबाबू दिवाकर प्रमुख हैं। अलीगढ़ में मुकेश सूर्यवंशी, हाथरस में तपन जौहर, मैनपुरी में गौतम कठेरिया, एटा में धर्मेंद्र दिवाकर और कासगंज में सुमित वाल्मीकि को भी जिम्मेदारी मिली है। बरेली जिला से विनोद दिवाकर, बरेली महानगर से अभिजीत कठेरिया, आंवला से रजत राज वाल्मीकि, बदायूं से तेजपाल सागर, पीलीभीत से हेमराज दिवाकर, शाहजहांपुर जिला से महेंद्र पाल सिंह और शाहजहांपुर महानगर से विनोद कुमार कनौजिया नियुक्त किए गए हैं।
कानपुर क्षेत्र में 16 अध्यक्ष नामित हुए हैं। कानपुर उत्तर से विजय वाल्मीकि, कानपुर दक्षिण से जय नारायण कुरिल, कानपुर ग्रामीण से राजेश कोरी और कानपुर देहात से सुमित कठेरिया शामिल हैं। औरैया में अशोक दोहरे, इटावा में शिवनीत सिंह कठेरिया, फतेहपुर में रविंद्र कुमार उर्फ रिंकू पुरी, कन्नौज में महिपाल कनौजिया और फर्रुखाबाद में अमित कठेरिया को नियुक्त किया गया है। बांदा में धनंजय चौधरी, महोबा में ईश्वर दयाल, झांसी महानगर में अमित खटिक, झांसी जिला में आकाश आर्य, ललितपुर में मीनू वाल्मीकि, हमीरपुर में कपिल वर्मा और जालौन में कैलाश बाबू वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अवध क्षेत्र में 15 जिला अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं। लखनऊ महानगर से कुंदन सिंह गौतम, लखनऊ जिला से अभिषेक रावत, रायबरेली में राम बरन रावत, उन्नाव में प्रदीप कुमार राजपूत, सीतापुर में रामकिशोर कनौजिया, लखीमपुर में प्रमोद चौधरी, हरदोई में रवि वाल्मीकि, अयोध्या जिला से सियाराम रावत और अयोध्या महानगर से अभिषेक सागर शामिल हैं। अंबेडकरनगर में परशुराम चौधरी, बाराबंकी में मनोज कुमार कुरिल, बलरामपुर में राजाराम गौतम, बहराइच में संजय राव, गोंडा में सचिन वाल्मीकि और श्रावस्ती में दिलीप सरोज को भी जिम्मेदारी मिली है।
काशी और गोरखपुर क्षेत्र में नई नियुक्तियाँ
काशी क्षेत्र में 16 अध्यक्ष नामित हुए हैं। वाराणसी महानगर से मनोज सोनकर, वाराणसी जिला से सुरेंद्र प्रताप, चंदौली में रंजीत कुमार, गाजीपुर में अमित सिद्धार्थ, मिर्जापुर में जयप्रकाश, भदोही में रमेश पासी, सोनभद्र में नीरज कनौजिया, जौनपुर में विमल गौतम और मछलीशहर में आशीष सरोज शामिल हैं। सुल्तानपुर में विश्व प्रताप कोरी, अमेठी में रोहित चौधरी पासी, प्रयागराज महानगर में संजय पासवान, प्रयागराज यमुनापार में दुबराज भारती, प्रयागराज गंगापार में सूरज पासी, प्रतापगढ़ में हरिश्चंद्र सोनकर और कौशांबी में शिवमूरत उर्फ भैयन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गोरखपुर क्षेत्र में 11 अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। गोरखपुर महानगर से राजेश कुमार, गोरखपुर जिला से संजीव पासवान, महराजगंज में प्रमोद पासवान, कुशीनगर में नकुल वर्मा, देवरिया में विनोद कुमार, बस्ती में प्रभुदयाल वर्मा, संतकबीरनगर में राजू राणा पासवान, आजमगढ़ में सौदागर भारतीय, लालगंज में अरविंद कनौजिया, मऊ में पवन कुमार परिवर्तन और बलिया में सुधीर पासवान को अध्यक्ष बनाया गया है।
संगठन विस्तार की रणनीतिक अहमियत
गौरतलब है कि भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं तक पहुँच बनाना चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले SC मोर्चे को पूरे प्रदेश में सक्रिय करना पार्टी की बूथ-स्तरीय मजबूती की योजना का अंग माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल भी दलित समुदाय में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
पार्टी ने कई जिलों में जिला और महानगर दोनों इकाइयों के लिए अलग-अलग अध्यक्ष नियुक्त किए हैं, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में संगठनात्मक उपस्थिति को और सुदृढ़ करने की मंशा दर्शाता है। आने वाले हफ्तों में इन नवनियुक्त पदाधिकारियों के नेतृत्व में जिला स्तरीय बैठकें और कार्यक्रम अपेक्षित हैं।