BJP ने UP में चुनाव से पहले नई टीम का ऐलान: 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 25 जून 2025 को उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढाँचे का व्यापक पुनर्गठन करते हुए प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम की घोषणा की। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्री समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इस बार पिछड़े, दलित, महिला और युवा नेतृत्व को प्रमुखता से स्थान दिया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष और महामंत्री: कौन-कौन शामिल
नई टीम में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, धर्मेंद्र सिंह, प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, राजेश यादव और आलोक गुप्ता समेत कई नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। वहीं, रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत और संजय राय को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्ष
प्रदेश मंत्रियों की सूची में विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विजय राजभर, राकेश बिंद, राहुल वाल्मीकि और आकांक्षा सोनकर को स्थान मिला है। क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी ने छह क्षेत्रों के लिए अलग-अलग अध्यक्ष नियुक्त किए हैं — पश्चिम क्षेत्र: नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र: पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र: राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र: अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र: अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र: विनोद राय।
मीडिया, कार्यालय और मोर्चा प्रमुख
संगठनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भारत दीक्षित को कार्यालय मंत्री, अतुल अवस्थी और लक्ष्मण सिंह को कार्यालय सह-मंत्री नियुक्त किया गया है। दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशुराज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है। विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों में रोहित मिश्रा (युवा मोर्चा), प्रकाश पाल (पिछड़ा मोर्चा), देवेंद्र सिंह (किसान मोर्चा), अशोक रावत (अनुसूचित मोर्चा), सरोज कुशवाह (महिला मोर्चा) और विद्याभूषण गोंड (अनुसूचित जनजाति मोर्चा) शामिल हैं।
सामाजिक संतुलन की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस टीम में पिछड़े वर्ग, दलित, महिला और युवा नेतृत्व को व्यापक प्रतिनिधित्व देकर BJP ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में वह सामाजिक समीकरण साधने को प्राथमिकता दे रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं और यह देश का सबसे बड़ा राज्य है — जहाँ संगठनात्मक मजबूती चुनावी परिणामों को सीधे प्रभावित करती है।
आगे क्या
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नई टीम बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अब सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपेक्षा है कि वे जमीनी स्तर पर काम शुरू कर पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति दें।