16 जुलाई 2026
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बिहार भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: नए उपाध्यक्ष, महामंत्री और मोर्चा अध्यक्षों की घोषणा

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बिहार भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: नए उपाध्यक्ष, महामंत्री और मोर्चा अध्यक्षों की घोषणा

सारांश

भाजपा ने बिहार में संगठन का पूरा ढाँचा बदल दिया — 14 उपाध्यक्ष, 5 महामंत्री, 14 मंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्षों की एक साथ नियुक्ति। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर हुए इस फेरबदल को राज्य में पार्टी की जमीनी तैयारी का संकेत माना जा रहा है।

मुख्य बातें

भाजपा ने 29 मई 2026 को बिहार प्रदेश संगठन में व्यापक फेरबदल की घोषणा की।
14 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष और 5 नेताओं को महामंत्री बनाया गया।
विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
युवा, महिला, किसान, ओबीसी, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक — 6 मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा।
यह फेरबदल राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार किया गया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 29 मई 2026 को बिहार प्रदेश संगठन में व्यापक फेरबदल करते हुए नए प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की सूची जारी की। यह घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर की गई, जिसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष और महामंत्री

नए संगठनात्मक ढाँचे में पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बधील, राकेश कुमार, संतोष पाठक, मनोज कुमार सिंह, अनामिका पासवान, शोभा सिंह, पवन जायसवाल, प्रणव कुमार यादव, संतोष रजन राय, नंद प्रसाद चौहान, अनिल ठाकुर, मुकेश शर्मा (औरंगाबाद), शीला कुशवाहा और बलराम मंडल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी सरोज कंजन पटेल, धनराज शर्मा, प्रीति शेसार, नितिन अभिषेक और राजेश झा उर्फ राजू झा को सौंपी गई है।

प्रदेश मंत्री और कोषाध्यक्ष

प्रदेश मंत्रियों में सुषमा साहू, जन्मेजय कुमार सिंह, रागिनी रानी, कुमार राघवेंद्र, प्रभाकर मिश्रा, अंजनी निषाद, मनोज चौधरी, मुकेश सिंह कुशवाहा, सीमा, सरला रजक, सुनील राम, संजय कुमार मुन्ना, मुकेश शर्मा (मुजफ्फरपुर) और दिवाकर सिंह को शामिल किया गया है।

भाजपा विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि राजेश सिन्हा और अंकुर गुप्ता को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है। अक्षय कुमार को प्रदेश मुख्यालय प्रभारी और विनय केसरी को कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति

पार्टी ने अपने विभिन्न मोर्चों के लिए भी नए अध्यक्षों की घोषणा की। जितेंद्र सिंह को युवा मोर्चा, विधायक निशा सिंह को महिला मोर्चा, राम सुमिरन सिंह को किसान मोर्चा, प्रमोद चंद्रवंशी को ओबीसी मोर्चा और सुजीत पासवान को अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। निरंजन पंजियार ठाकुर को अल्पसंख्यक मोर्चा की कमान सौंपी गई है।

राजनीतिक महत्व और आगे की रणनीति

इस संगठनात्मक फेरबदल को बिहार में भाजपा की जमीनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारियाँ तेज हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए पदाधिकारियों के माध्यम से संगठन को जिला और प्रखंड स्तर पर अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

दलित और महिला चेहरों की उपस्थिति संकेत देती है कि पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए व्यापक सामाजिक आधार तैयार कर रही है। गौरतलब है कि बिहार में एनडीए गठबंधन की राजनीति में भाजपा की अपनी संगठनात्मक मजबूती निर्णायक भूमिका निभाती है। असली परीक्षा यह होगी कि नए पदाधिकारी जिला स्तर पर कितनी तेज़ी से सक्रिय होते हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार भाजपा संगठन में यह फेरबदल कब और किसके निर्देश पर हुआ?
यह फेरबदल 29 मई 2026 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार घोषित किया गया। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष से लेकर मोर्चा अध्यक्षों तक की व्यापक नियुक्तियाँ शामिल हैं।
बिहार भाजपा में कितने नए उपाध्यक्ष बनाए गए हैं?
कुल 14 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिनमें पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बधील, अनामिका पासवान, शीला कुशवाहा और बलराम मंडल प्रमुख हैं।
भाजपा के किन मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा हुई है?
युवा मोर्चा (जितेंद्र सिंह), महिला मोर्चा (विधायक निशा सिंह), किसान मोर्चा (राम सुमिरन सिंह), ओबीसी मोर्चा (प्रमोद चंद्रवंशी), अनुसूचित जाति मोर्चा (सुजीत पासवान) और अल्पसंख्यक मोर्चा (निरंजन पंजियार ठाकुर) — कुल 6 मोर्चों के अध्यक्षों की नियुक्ति की गई।
बिहार भाजपा का नया प्रदेश कोषाध्यक्ष कौन है?
भाजपा विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया है। राजेश सिन्हा और अंकुर गुप्ता को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस संगठनात्मक फेरबदल का राजनीतिक महत्व क्या है?
इस फेरबदल को बिहार में भाजपा की जमीनी संगठन क्षमता को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए पदाधिकारियों के जरिए संगठन को जिला और प्रखंड स्तर पर अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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