बिहार भाजपा में जोनवार पुनर्गठन: संजय सरावगी ने 5 महामंत्रियों को सौंपी संभागीय जिम्मेदारियाँ
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने 7 जून 2026 को संगठनात्मक ढाँचे में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश के 5 महामंत्रियों को अलग-अलग संभागों की जिम्मेदारी सौंपी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के निर्देश पर जारी इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करना और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है।
जोनवार जिम्मेदारियों का विवरण
जारी सूची के अनुसार, प्रदेश महामंत्री धनराज शर्मा को मिथिला और तिरहुत संभाग का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके कार्यक्षेत्र में दरभंगा पूर्वी, दरभंगा पश्चिमी, मधुबनी, झंझारपुर, समस्तीपुर उत्तरी, समस्तीपुर दक्षिणी, वैशाली उत्तरी, वैशाली दक्षिणी, मुजफ्फरपुर पूर्वी, मुजफ्फरपुर पश्चिमी, सीतामढ़ी और शिवहर जिले शामिल हैं।
प्रदेश महामंत्री नितिन अभिषेक को मगध और शाहाबाद संभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अधीन जहानाबाद, गया पश्चिमी, गया पूर्वी, औरंगाबाद, अरवल, नवादा, कैमूर, रोहतास, बक्सर और भोजपुर जिले आएंगे।
प्रदेश महामंत्री सरोज रंजन पटेल को चंपारण और सारण संभाग का प्रभारी बनाया गया है। उनके कार्यक्षेत्र में बगहा, रक्सौल, बेतिया, मोतिहारी, ढाका, सिवान पश्चिमी, सिवान पूर्वी, गोपालगंज, सारण पूर्वी और सारण पश्चिमी जिले शामिल हैं।
राजेश झा राजू को भागलपुर, कोशी और सीमांचल संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अधीन भागलपुर, बांका, नवगछिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिले आएंगे।
प्रदेश महामंत्री प्रीति शेखर पटना, मुंगेर, बेगूसराय और नालंदा संभाग की प्रभारी होंगी। उनके कार्यक्षेत्र में पटना महानगर, पटना ग्रामीण, बाढ़, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया, बेगूसराय, नालंदा और शेखपुरा जिले शामिल किए गए हैं।
पुनर्गठन का उद्देश्य
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस नई संभागीय व्यवस्था के तहत प्रत्येक प्रभारी महामंत्री अपने क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ता समन्वय और पार्टी विस्तार कार्यों की सीधी निगरानी करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा बिहार में अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
संगठनात्मक महत्व
गौरतलब है कि जोनवार जिम्मेदारियों का यह बँटवारा भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें केंद्रीय नेतृत्व के बजाय क्षेत्रीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाती है। प्रत्येक महामंत्री को अपने संभाग में आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने का दायित्व सौंपा गया है।
आगे की राह
इस पुनर्गठन के बाद अब सभी प्रभारी महामंत्रियों से अपेक्षा की जाएगी कि वे अपने-अपने संभागों में नियमित दौरे करें, जिला इकाइयों के साथ समन्वय बनाएँ और पार्टी के विस्तार कार्यों को जमीनी स्तर तक पहुँचाएँ।