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क्या बिहार को गरीबी से निकालने के लिए जातीय समीकरणों से ऊपर उठना होगा: चिराग पासवान?

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क्या बिहार को गरीबी से निकालने के लिए जातीय समीकरणों से ऊपर उठना होगा: चिराग पासवान?

सारांश

पूर्णिया में नव संकल्प महासभा में चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा हमला किया और बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को पीछे छोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। क्या इससे बिहार का विकास संभव होगा?

मुख्य बातें

जातीय समीकरणों को चुनौती देना आवश्यक है।
सभी वर्गों का साथ मिलाकर ही विकास संभव है।
225 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य है।
महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता देना चाहिए।
एकजुटता और मेहनत से चुनावी तैयारियाँ करनी होंगी।

पूर्णिया, 21 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्णिया जिले के रंगभूमि मैदान में रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की नव संकल्प महासभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा हमला किया और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत का विश्वास जताया।

उक्त सभा में सात जिलों से हजारों समर्थकों ने भाग लिया, जिन्हें चिराग पासवान ने एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया।

चिराग पासवान ने कहा कि लोजपा (रामविलास) ने बिहार के विभिन्न जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ की सोच को आम जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

उन्होंने आगे कहा, "बिहार अब विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़ा है। डबल इंजन की सरकार, जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नेतृत्व है, बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। एनडीए के सभी घटक दलों की जिम्मेदारी है कि वे अपने समर्थकों को एकत्रित करें और चुनाव में ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करें। हमारा लक्ष्य है कि इस बार बिहार में 225 से अधिक सीटें जीतकर एनडीए की सरकार बनाई जाए।"

विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए चिराग पासवान ने उनके (मुस्लिम-यादव) समीकरण पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "विपक्ष एमवाई समीकरण की बात करता है, लेकिन मेरा एमवाई समीकरण अलग है। मेरे लिए एम का मतलब है महिला और वाई का मतलब है युवा। बिहार को गरीबी और पिछड़ेपन के गर्त से निकालने के लिए हमें जातीय समीकरणों से ऊपर उठना होगा।"

उन्होंने यह भी जोर दिया कि बिहार का विकास तभी संभव है जब समाज के सभी वर्गों को एक साथ लेकर चलें।

सभा के दौरान चिराग पासवान ने बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए गर्व की बात है कि भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर यह नव संकल्प महासभा आयोजित की जा रही है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।"

इस अवसर पर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुटता और मेहनत के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। चिराग ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि प्रत्याशी किसी भी दल का हो, उसे एनडीए का साझा प्रत्याशी मानकर पूरी ईमानदारी से समर्थन करना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे एक व्यापक विकास दृष्टिकोण का समर्थन कर रहे हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है, जो बिहार के सभी वर्गों को एकजुट करने की दिशा में काम कर सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान का मुख्य संदेश क्या है?
चिराग पासवान का मुख्य संदेश है कि बिहार को विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जातीय समीकरणों से ऊपर उठना होगा।
नव संकल्प महासभा का आयोजन कब हुआ?
नव संकल्प महासभा का आयोजन 21 सितंबर को पूर्णिया में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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