क्या सांसद पंकज चौधरी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया?
सारांश
Key Takeaways
- पंकज चौधरी का नामांकन भाजपा की नई रणनीति का हिस्सा है।
- पार्टी में जातीय समीकरणों को साधने का प्रयास किया जा रहा है।
- राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
लखनऊ, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पंकज चौधरी ने शनिवार को अपना नामांकन प्रस्तुत किया। अब अध्यक्ष पद के लिए उनका नाम लगभग निश्चित माना जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित पार्टी के कई प्रमुख नेता उपस्थित थे। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कहा कि आज भाजपा के सभी सांसदों को बुलाया गया है, और इस चुनाव में सभी की भागीदारी आवश्यक है।
पंकज चौधरी कुर्मी (पिछड़ा) वर्ग से आते हैं, जो उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है। हालांकि पार्टी में कई अन्य ओबीसी चेहरे पहले से मौजूद हैं, लेकिन पंकज पर दांव लगाकर पार्टी ने पीडीए की काट करने का प्रयास किया है।
ज्ञात हो कि 12 दिसंबर को बीएल संतोष की अगुवाई में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, और दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर बैठक की थी।
शनिवार का दिन नामांकन के लिए पहले से निर्धारित था। सुबह से पार्टी कार्यालय में हलचल थी। दिल्ली से लखनऊ पहुंचे पंकज ने अपना नामांकन किया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय और विनोद तावड़े पहले से मौजूद थे। इस दौरान संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह पूरी निगरानी कर रहे थे।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, भाजपा ने पंकज चौधरी को पार्टी का नया चेहरा बनाकर एक अलग रणनीति तैयार की है। इसमें जातीय समीकरण साधने के साथ संगठन को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।