क्या यूपी में भाजपा का जनसंवाद अभियान विकसित भारत-जी राम जी योजना को सफल बनाएगा?

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क्या यूपी में भाजपा का जनसंवाद अभियान विकसित भारत-जी राम जी योजना को सफल बनाएगा?

सारांश

क्या यूपी में भाजपा का नया जनसंवाद अभियान विकसित भारत-जी राम जी योजना को जन-जन तक पहुंचाने में सफल होगा? जानिए इस अभियान की रणनीति और इसके प्रभाव पर।

Key Takeaways

  • विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 का लक्ष्य ग्रामीण विकास है।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
  • 125 दिन का रोजगार और अन्य लाभ ग्रामीण परिवारों के लिए उपलब्ध हैं।

लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों और इसके लाभों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में एक व्यापक जनसंवाद अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के अंतर्गत पार्टी कार्यकर्ता गांव, गली, मजरे, टोले और चौपालों तक पहुंचकर अधिनियम के उद्देश्यों, रोजगार प्रावधानों और विकास मॉडल की जानकारी लोगों को देंगे।

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को आयोजित एनडीए की राज्य स्तरीय कार्यशाला में इस अभियान की रणनीति और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला को केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने संबोधित किया। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता, मंत्री और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार है। विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब ग्रामीण भारत विकसित होगा। यह कानून केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल मैदान और सामुदायिक सुविधाओं के विकास का समग्र रोडमैप प्रस्तुत करता है।

उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित निगरानी से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है और यह अधिनियम किसी का अधिकार छीनने के बजाय हर परिवार को सशक्त बनाने का माध्यम है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी गांव, गरीब और किसान के विकास का मंत्र है और यह भ्रष्टाचार की राजनीति पर निर्णायक प्रहार करता है। अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि वन क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को अतिरिक्त 25 दिन का प्रावधान है। साप्ताहिक भुगतान, डीबीटी व्यवस्था और तेज मजदूरी भुगतान से श्रमिकों को वास्तविक लाभ मिलेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भ्रम और झूठे नैरेटिव फैलाकर विकास प्रक्रिया को बाधित करना चाहता है। राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। विकसित भारत-जी राम जी रोजगार के साथ-साथ गांवों में स्थायी संपत्तियों के निर्माण, जल सुरक्षा, सड़क, कनेक्टिविटी और आजीविका के नए अवसर पैदा करने का माध्यम है। यह सामाजिक न्याय, आर्थिक समावेशन और आत्मनिर्भरता का संतुलित मॉडल है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम गरीब, वंचित और श्रमिक वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। 125 दिन का रोजगार, सात दिन में भुगतान और बायोमेट्रिक, जीआईएस व फेस रीडिंग जैसी तकनीकों के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ेगी, पलायन रुकेगा और गांवों का विकास होगा।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे गरिमा, विकास और विश्वास पर आधारित पहल बताते हुए कहा कि यह कानून ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह अधिनियम गांवों में सम्मानजनक जीवन और स्थायी विकास की नींव रखता है।

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम को अभियान के रूप में लागू करना संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय कार्यशाला के बाद जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गांव-गांव चौपाल, श्रमिक चौपाल, किसान संगोष्ठी, घर-घर संपर्क, किसान पदयात्रा, ट्रैक्टर और बैलगाड़ी रैली के माध्यम से अधिनियम के लाभों की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि मनरेगा और विकसित भारत-जी राम जी के बीच के अंतर को तथ्यों के साथ श्रमिकों और किसानों तक पहुंचाया जाएगा तथा विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे हर भ्रम और झूठ का जवाब योजनाबद्ध तरीके से दिया जाएगा।

Point of View

जो मतदाताओं के बीच अपनी छवि को मजबूत करने का प्रयास करती है। हालांकि, यह देखना होगा कि यह योजना वास्तविकता में कितनी सफल होती है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

विकसित भारत-जी राम जी योजना क्या है?
यह योजना ग्रामीण विकास, रोजगार और स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
इस योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को कितने दिन का रोजगार मिलेगा?
ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 125 दिन का रोजगार मिलेगा।
क्या यह योजना भ्रष्टाचार को कम करने में मददगार होगी?
हाँ, यह योजना भ्रष्टाचार की राजनीति पर निर्णायक प्रहार करती है।
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