क्या यूपी के सभी गांवों में 30 जनवरी तक डिजिटल लाइब्रेरी खुल जाएगी?
सारांश
Key Takeaways
- डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन 30 जनवरी तक होगा।
- ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सुविधा मिलेगी।
- हर ग्राम पंचायत में लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है।
- इस पहल से शिक्षा का स्तर मजबूत होगा।
- योगी सरकार की डिजिटल इंडिया की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण के अनुसार, अब युवा सिविल सर्विसेज और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
योगी सरकार 30 जनवरी तक सभी जिलों में आईटी उपकरणों की खरीद पूरी करके ग्राम पंचायत सचिवालयों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की प्रक्रिया में है। यह कदम ग्रामीण प्रतिभाओं को देश के बड़े कोचिंग और अध्ययन केंद्रों जैसी सुविधाएं अपने ही गांव में उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 26 जनवरी तक पुस्तकालयों के लिए फर्नीचर की खरीद को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके बाद डिजिटल लाइब्रेरी के संचालन की दिशा में कार्य होगा।
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि इस डिजिटल लाइब्रेरी में वाईफाई, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम और किताबों तथा डिजिटल सामग्री का समृद्ध संग्रह होगा। ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर, क्विज और लाखों डिजिटल शैक्षणिक सामग्रियों के माध्यम से ग्रामीण युवा अब अपने गांव में रहकर ही उच्चतम स्तर की तैयारी कर सकेंगे।
हर जिले की ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है। प्रत्येक लाइब्रेरी पर लगभग 4 लाख रुपए खर्च होंगे। इसमें 2 लाख रुपए की किताबें, 1.30 लाख रुपए के आईटी उपकरण और 70 हजार रुपए के आधुनिक फर्नीचर का प्रावधान किया जा रहा है। योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और विकसित भारत की दिशा में युवाओं को समान अवसर प्रदान करने वाला एक सशक्त कदम है।
पंचायतीराज निदेशक ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव लाइब्रेरी का प्रबंधन करेंगे, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और युवा रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे।