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क्या उत्तराखंड डिजिटल राज्य बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है?

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क्या उत्तराखंड डिजिटल राज्य बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है?

सारांश

उत्तराखंड में डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में डिजी लॉकर और एंटिटी लॉकर की उपयोगिता पर चर्चा की गई। जानिए इस पहल का महत्व और राज्य के विकास में इसका क्या योगदान होगा।

मुख्य बातें

डिजी लॉकर और एंटिटी लॉकर की प्रणाली राज्य में डिजिटल शासन को मजबूती देगी।
कार्यशाला में अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन का एक महत्वपूर्ण भाग है।
राज्य सरकार जल्द ही अन्य जनपदों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी।
इससे सेवाओं की पारदर्शिता और सुलभता बढ़ेगी।

देहरादून, 17 जून (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक शासन प्रभाग (एनईजीडी) एवं राज्य ई-मिशन टीम (एसईएमटी) के सहयोग से देहरादून में डिजी लॉकर एवं एंटिटी लॉकर विषय पर एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य ई. मिशन टीम, उत्तराखंड के प्रमुख रवि शंकर सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डिजी लॉकर एवं एंटिटी लॉकर प्रणाली राज्य में डिजिटल शासन को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का संचालन अरुण बिष्ट, सहायक महाप्रबंधक (ई-सेवाएं), आईटीडीए द्वारा किया गया।

इस अवसर पर तीर्थ पाल सिंह, अपर निदेशक आईटीडीए ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया मिशन के तहत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों में डिजी लॉकर एवं एंटिटी लॉकर एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विभागों में इस प्रणाली को अधिक से अधिक लागू करने का प्रयास करें।

कार्यशाला में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के विशेषज्ञों द्वारा डिजी लॉकर एवं एंटिटी लॉकर की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सत्र के दौरान इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दस्तावेजों के सुरक्षित भंडारण, साझाकरण एवं प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के 35 से अधिक विभागों के 65 से ज्यादा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के व्यावहारिक उपयोग पर प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।

तीर्थ पाल सिंह ने कार्यक्रम के अंत में राज्य ई-मिशन टीम एवं राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक शासन प्रभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तराखंड को डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल्द ही अन्य जनपदों में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को भी मजबूत कर रहे हैं। यह कदम न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, बल्कि नागरिकों के लिए सेवाओं को भी सुलभ बनाएगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस कार्यशाला का उद्देश्य क्या था?
इस कार्यशाला का उद्देश्य डिजी लॉकर और एंटिटी लॉकर की उपयोगिता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कौन से विभागों के अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए?
राज्य के 35 से अधिक विभागों के 65 से ज्यादा अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
डिजिटल इंडिया मिशन का क्या महत्व है?
डिजिटल इंडिया मिशन का उद्देश्य देश में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को बढ़ाना और पारदर्शिता लाना है।
क्या अन्य जिलों में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे?
हाँ, राज्य सरकार अन्य जनपदों में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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