क्या उत्तराखंड शिक्षा और स्वास्थ्य में नए कीर्तिमान बना रहा है? मंत्री धन सिंह रावत

सारांश
Key Takeaways
- शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है।
- 37 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जो राज्य की शिक्षा प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।
- राज्य सरकार ने तीन प्रमुख क्षेत्रों में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाए जाएंगे।
- उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जो एमबीबीएस छात्रों को पीजी की पढ़ाई अपने खर्च पर करवा रहा है।
देहरादून, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने न केवल पर्यटन बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अद्वितीय सुधार किए हैं। गुरुवार को उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने सरकार की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केंद्र बनने की दिशा में उत्तराखंड तेजी से प्रगति कर रहा है।
मंत्री धन सिंह रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मेरे राज्य में लगभग 37 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और हमारे पास 22,000 स्कूल हैं। वर्तमान में हमारे राज्य में 37 विश्वविद्यालय हैं और इस वर्ष यह संख्या 40 तक पहुँच जाएगी।"
उन्होंने आगे बताया कि अब विदेशी छात्र भी उत्तराखंड की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो राज्य की शिक्षा प्रणाली में सुधार का स्पष्ट संकेत है। मंत्री ने गर्व से कहा, "हमारा सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) भारत में तमिलनाडु के बाद दूसरे स्थान पर है और अगले वर्ष तक हमारा लक्ष्य तमिलनाडु को भी पीछे छोड़ना है।"
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है। इसमें राज्य के विश्वविद्यालयों को वैश्विक रैंकिंग में लाना, नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करना, और कक्षा 9वीं से व्यावसायिक शिक्षा का आरंभ करना शामिल है, ताकि छात्र शिक्षा के साथ-साथ रोजगार की दिशा में भी प्रगति कर सकें। इस वर्ष 700 स्कूलों में व्यावसायिक कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही, 1200 इंटर कॉलेजों में स्मार्ट कक्षाओं और हर स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करते हुए, मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि इस क्षेत्र में भी क्रांति लाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में एक व्यापक स्वास्थ्य सेवा अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत 225 स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे और हर गांव में डॉक्टर जाकर निशुल्क जांच करेंगे और दवाइयाँ वितरित करेंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 4 लाख युवाओं का हेल्थ वॉलंटियर रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा।
मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां 400 एमबीबीएस छात्रों को पीजी की पढ़ाई राज्य सरकार अपने खर्च पर करवा रही है। इन विशेषज्ञ डॉक्टरों को 5 वर्ष तक राज्य में सेवा देना अनिवार्य होगा, जिससे पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।