वामन जयंती 2026: शिवराज सिंह चौहान समेत पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी शुभकामनाएँ
सारांश
मुख्य बातें
वामन जयंती के पावन अवसर पर 23 सितंबर 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने देशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और यश की कामना की। भगवान विष्णु के पाँचवें अवतार भगवान वामन की इस जयंती पर कई वरिष्ठ नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा किए।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों के संदेश
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट करते हुए संस्कृत श्लोक के साथ शुभकामनाएँ देते हुए लिखा, 'भगवान श्री वामन की कृपा से आप सभी का जीवन सुख, समृद्धि एवं आरोग्यता से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है।' उन्होंने भगवान वामन को सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु का पंचम अवतार बताते हुए जयंती को विशेष बताया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर संस्कृत श्लोक 'नमामि देवं विश्वेशं वामनं विष्णुरूपिणम्' से अपना संदेश आरंभ किया और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने भगवान वामन को भक्ति, धर्म एवं दानशीलता का स्वरूप बताते हुए कामना की कि सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और यश की वृद्धि हो।
मुख्यमंत्री योगी और धामी का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में भगवान वामन को 'श्री हरि के पंचम अवतार' बताते हुए कहा कि वे हमें धर्म, मर्यादा, त्याग और लोक-कल्याण के पथ पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ अर्पित कीं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि भगवान वामन का अवतार धर्म, मर्यादा, सत्य और विनम्रता की शक्ति का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि 'सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का संचार हो।'
राजस्थान और यूपी उपमुख्यमंत्री की शुभकामनाएँ
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर भगवान वामन से प्रार्थना की कि उनकी कृपादृष्टि सदैव सभी पर बनी रहे तथा राजस्थान में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास हो।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर शुभकामनाएँ दीं और कहा कि भगवान वामन की कृपा से 'सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो तथा सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त हो।'
वामन जयंती का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार वामन जयंती भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर दैत्यराज बलि के अहंकार को तीन पगों में समेटा और देवताओं को उनका अधिकार लौटाया था। यह पर्व धर्म, विनम्रता और त्याग के प्रतीक के रूप में देशभर में मनाया जाता है।
इस वर्ष वामन जयंती पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं की व्यापक भागीदारी ने इस पर्व की सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से प्रासंगिकता को रेखांकित किया है।