20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 'वन नेशन, वन इलेक्शन' सामाजिक और आर्थिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 'वन नेशन, वन इलेक्शन' सामाजिक और आर्थिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है?

सारांश

जयपुर में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को सामाजिक और आर्थिक सुधार का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और युवाओं के लिए सियासी अवसरों की बात की। इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया गया है।

मुख्य बातें

सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता।
युवाओं के लिए सियासी अवसर प्रदान करेगा।
बार-बार चुनावों का खर्च कम होगा।
जन आंदोलन के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य।

जयपुर, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के समर्थन में आयोजित प्रदेश छात्र नेता सम्मेलन को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को देश के लिए सामाजिक और आर्थिक सुधार का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना या जानकारी देना नहीं, बल्कि इसे एक जन आंदोलन के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

बंसल ने कहा, "यह कोई नया मुद्दा नहीं है। आजादी के प्रारंभिक 20 वर्षों तक एक साथ चुनाव होते थे, लेकिन 1967 के बाद बार-बार चुनाव की समस्या उत्पन्न हुई। पिछले 30 वर्षों में ऐसा कोई वर्ष नहीं रहा, जब कहीं चुनाव न हुआ हो।"

उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पांच साल में 300 दिन आचार संहिता लागू रही, यानी एक साल व्यर्थ चला गया। आज मुख्य मुद्दा चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जीतने के बाद जनता के लिए काम करना है। बार-बार होने वाले चुनावों से नेताओं को सोचने का समय नहीं मिलता। हाल के लोकसभा चुनाव में 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए, यानी प्रति वोट 1,400 रुपए। पांच वर्षों में चुनावों पर 5-7 लाख करोड़ रुपए खर्च होते हैं, जो अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डालता है। देश में 1 करोड़ लोग चुनाव प्रक्रिया में लगे रहते हैं और तीन महीने तक अन्य कार्य ठप रहते हैं।

उन्होंने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को देश का मुद्दा बताते हुए कहा कि यह पीएम मोदी का एजेंडा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुधार का मुद्दा है। इससे युवाओं को सियासत में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और परिवारवादी राजनीति से मुक्ति मिलेगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बंसल ने कहा कि वह वोटर लिस्ट को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। संविधान हर नागरिक को वोट का अधिकार देता है, लेकिन बंगाल में कुछ लोग अवैध रूप से वोटर लिस्ट में शामिल हो गए। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से एक वोटर लिस्ट बनेगी, जो पारदर्शिता लाएगी।

उन्होंने अपील की कि हमारा यह अभियान इतना मजबूत हो कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी और एमके स्टालिन जैसे नेता इसका विरोध करने से डरें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' का विचार केवल एक राजनीतिक एजेंडा नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए एक आवश्यक सुधार है। यह प्रक्रिया न केवल चुनावों में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि युवाओं को सियासी मंच पर सक्रिय भागीदारी का भी अवसर देगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वन नेशन, वन इलेक्शन का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।
यह अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल द्वारा शुरू किया गया है।
इससे आम जनता को क्या लाभ होगा?
इससे चुनावों का खर्च कम होगा और नेताओं को जनता के लिए काम करने का अधिक समय मिलेगा।
क्या यह केवल भाजपा का मुद्दा है?
नहीं, यह देश के सभी नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
इससे युवाओं को क्या फायदा होगा?
यह अभियान युवाओं को सियासत में आगे बढ़ने का अवसर देगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले