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क्या अभी तो सफर की शुरुआत है, मीलों चलना बाकी है? वरुण शर्मा ने करियर के बारे में क्या कहा?

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क्या अभी तो सफर की शुरुआत है, मीलों चलना बाकी है? वरुण शर्मा ने करियर के बारे में क्या कहा?

सारांश

वरुण शर्मा ने भारतीय सिनेमा में पिछले 25 वर्षों में आए बदलावों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने करियर के सफर को प्रेरणादायक और गर्व का विषय बताया। जानिए उन्होंने क्या कहा और उनके अनुभवों में क्या खास है!

मुख्य बातें

वरुण शर्मा का करियर प्रेरणादायक रहा है।
भारतीय सिनेमा ने वैश्विक पहचान बनाई है।
100 करोड़ की कमाई का आंकड़ा नया पैमाना है।
अभिनेताओं को अब विभिन्न किरदार निभाने का मौका मिलता है।
सिनेमा अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक व्यवसाय बन चुका है।

मुंबई, 24 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सिनेमा ने पिछले 25 वर्षों में जो परिवर्तन देखा है, वह सच में ऐतिहासिक है। तकनीक, कहानी कहने की शैली, दर्शकों की रुचि और फ़िल्मों के व्यापार में हर स्तर पर नया रूप देखने को मिला है। इस परिवर्तन के साथ कई कलाकारों का सफर भी आगे बढ़ा, जिन्होंने समय के साथ खुद को ढाला और दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई। इनमें से एक अभिनेता है वरुण शर्मा।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में वरुण ने भारतीय सिनेमा में आए बदलाव और अपने करियर के बारे में अपने अनुभव साझा किए।

वरुण शर्मा ने कहा, 'मेरे सिनेमा में अब तक का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। एक अभिनेता के नाते, मुझे विभिन्न प्रकार के किरदार निभाने का अवसर मिला और दर्शकों ने हर बार मुझे खुले दिल से अपनाया। मैं किसी एक प्रकार के रोल में बंधकर नहीं रहा। मैंने अपने करियर में एक कलाकार के रूप में निरंतर विकास किया है।'

उन्होंने आगे कहा, 'पिछले 25 वर्षों में भारतीय सिनेमा में बदलावों का एक नया स्वरूप उभरा है। हिंदी सिनेमा में कहानी कहने का तरीका बदल चुका है, पुराने जॉनर को नए अंदाज में पेश किया गया है, नए विषयों का आगमन हुआ है और निर्देशकों ने अपनी अलग पहचान बनाई है। तकनीकी स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है।'

बॉक्स ऑफिस के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए वरुण ने कहा, '100 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा एक नया पैमाना बन गया है। इससे फ़िल्मों की सफलता को देखने का दृष्टिकोण बदल गया है। अब सिर्फ फ़िल्म देखने वाले दर्शक ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री से बाहर के लोग भी फ़िल्मों के व्यापार में रुचि लेने लगे हैं। इससे सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़े व्यवसाय के रूप में उभरा है।'

उन्होंने कहा, 'भारतीय सिनेमा की एक बड़ी उपलब्धि यह है कि उसने अपनी स्थानीय जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक पहचान बनाई है। हमारी कहानियां, संस्कृति और भावनाएं जब सच्चाई के साथ प्रस्तुत की गईं, तो दुनियाभर के दर्शकों ने उन्हें अपनाया। आज भारतीय फ़िल्में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखी और सराही जा रही हैं, यह एक गर्व की बात है।'

वरुण ने कहा, 'अब अभिनेताओं को पुराने किरदारों के आधार पर सीमित नहीं किया जाता। अगर कोई अभिनेता अच्छा है और अपने काम में ईमानदार है, तो उसे हर प्रकार के रोल और जॉनर में अवसर मिलता है। मैं अपने सफर को अभी भी शुरुआत ही मानता हूं, अभी तो मीलों चलना बाकी है।'

अपने निजी सफर को याद करते हुए वरुण शर्मा ने बताया, 'मैंने 2013 में हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। फ़िल्म 'फुकरे' में चूचा के किरदार से खास पहचान मिली। जिस तरह दर्शकों ने मेरे अभिनय और फ़िल्मों को प्यार दिया, वह अनुभव भावुक करने वाला रहा है।'

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक नई पहचान बनाने की भी है। वरुण शर्मा जैसे कलाकारों का अनुभव इस बात का प्रमाण है कि किस तरह सिनेमा ने अपने क्षेत्र में न केवल मनोरंजन का स्तर बढ़ाया है, बल्कि एक बड़ा व्यवसाय भी बन गया है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वरुण शर्मा ने अपने करियर के बारे में क्या कहा?
उन्होंने अपने करियर को प्रेरणादायक बताया और कहा कि उन्होंने विभिन्न किरदार निभाए हैं।
भारतीय सिनेमा में पिछले 25 सालों में क्या बदलाव आए हैं?
सिनेमा में तकनीक, कहानी कहने के तरीके और दर्शकों की पसंद में बड़ा बदलाव आया है।
राष्ट्र प्रेस
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