27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या कर्तव्य पथ पर फाइटर जेट्स का फ्लाई पास्ट ने लोगों को रोमांचित किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कर्तव्य पथ पर फाइटर जेट्स का फ्लाई पास्ट ने लोगों को रोमांचित किया?

सारांश

गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना का फ्लाई पास्ट 'ऑपरेशन सिंदूर' को समर्पित रहा। 29 विमानों ने आकाश में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे दर्शक रोमांचित हो गए। जानिए इस बेहतरीन फ्लाई पास्ट के खास फॉर्मेशन और विमानों के बारे में।

मुख्य बातें

कर्तव्य पथ पर वायुसेना का फ्लाई पास्ट एक शानदार प्रदर्शन था।
फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान शामिल हुए।
‘ ऑपरेशन सिंदूर ’ को समर्पित सिंदूर फॉर्मेशन बना।
राफेल, सुखोई-30 और मिग-29 जैसे फाइटर विमानों ने उड़ान भरी।
गणतंत्र दिवस समारोह में स्वदेशी उपकरण और हथियार प्रदर्शित किए गए।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना का फ्लाई पास्ट इस बार अत्यंत विशेष रहा। वायुसेना के साहसी फाइटर पायलटों ने कर्तव्य पथ के ऊपर आकाश में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन तैयार किया। यह फॉर्मेशन 'ऑपरेशन सिंदूर' को समर्पित था।

वास्तव में, फ्लाई-पास्ट गणतंत्र दिवस परेड के सबसे अधिक प्रतीक्षित कार्यक्रमों में से एक है। इस वर्ष फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान शामिल हुए। फ्लाई-पास्ट में 16 फाइटर विमान भी शामिल थे। इसके साथ ही वायुसेना के चार ट्रांसपोर्ट विमान और नौ हेलीकॉप्टर भी इस अद्भुत फ्लाई-पास्ट का हिस्सा बने।

गणतंत्र दिवस समारोह में किए गए फ्लाई-पास्ट में वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और जगुआर विमान शामिल रहे। इसके साथ ही रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सी-130 और आधुनिक सी-295 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान भी शामिल हुए। आसमान में इन विमानों की गर्जना ने यहां उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया। वायुसेना के विमानों ने फ्लाई-पास्ट के दौरान अर्जन फॉर्मेशन, वज्रांग फॉर्मेशन, वरुण फॉर्मेशन और विजय फॉर्मेशन भी बनाया। ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग 29, 2 सुखोई-30 और 1 जगुआर विमान शामिल थे।

जानकारी के अनुसार, भारतीय सेनाओं ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पिछले वर्ष पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कुल नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। ये विमान गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर उड़ान भरते हुए दिखाई दिए।

'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत इन भारतीय लड़ाकू विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फ्लाई पास्ट में भारतीय वायुसेना के चार एमआई-17 हेलीकॉप्टर ध्वज फॉर्मेशन में दिखाई दिए। ये हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज, आर्मी, नेवी और भारतीय वायुसेना के ध्वज लहराते हुए नजर आए। इस बेहतरीन प्रदर्शन के जरिए भारतीय वायुसेना ने गणतंत्र दिवस समारोह में अनुशासन, नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रभावी प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से लेकर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड तक, वायुसेना के अधिकारी एवं बैंड महत्वपूर्ण भूमिकाओं में उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि समारोह में स्क्वाड्रन लीडर हेमंत सिंह कन्यार गार्ड ऑफ ऑनर के कमांडर रहे। मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता ढांकर ने कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

गणतंत्र दिवस 2026 'वंदे मातरम्' के गौरवशाली 150 वर्षों को समर्पित रहा। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की स्पष्ट और प्रभावी छाप दिखाई दी। वायुसेना के बैंड ने इससे जुड़ी धुनें बजाईं। परेड में विभिन्न सर्विसिस की कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड शामिल हुए। परेड के तुरंत बाद वायुसेना के राफेल, सुखोई-30, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, एमआई-17 जैसे विमान और हेलीकॉप्टर फ्लाईपास्ट करते हुए दिखाई दिए। गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं के स्वदेशी उपकरण एवं हथियार भी प्रदर्शित किए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे देश की सैन्य शक्ति और एकता का भी प्रतीक है। यह कार्यक्रम हर साल भारतीय नागरिकों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्लाई पास्ट में कितने विमान शामिल थे?
इस वर्ष फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान शामिल थे।
'ऑपरेशन सिंदूर' का उद्देश्य क्या था?
'ऑपरेशन सिंदूर' का उद्देश्य पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करना था।
फ्लाई पास्ट में कौन से विमानों ने भाग लिया?
फ्लाई पास्ट में राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर जैसे विमानों ने भाग लिया।
क्या फ्लाई पास्ट ने दर्शकों को प्रभावित किया?
हाँ, फ्लाई पास्ट के दौरान विमानों की गर्जना ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
गणतंत्र दिवस समारोह का महत्व क्या है?
गणतंत्र दिवस समारोह हमारे देश की आजादी और लोकतंत्र का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले