थलापति विजय की 'जन नायकन' के लीक की ख़बरें भ्रामक, पीआईबी ने किया स्पष्ट
सारांश
Key Takeaways
- थलापति विजय की 'जन नायकन' लीक की ख़बरें भ्रामक हैं।
- पीआईबी महाराष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि फिल्म सुरक्षित है।
- सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया पारदर्शी है।
- फिल्म का डीसीपी सुरक्षित है।
- मीडिया से अपील की गई है कि वे गलत ख़बरों पर विश्वास न करें।
मुंबई, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। थलापति विजय की बहु-प्रतीक्षित एक्शन मनोरंजन फिल्म 'जन नायकन' से संबंधित लीक होने की ख़बरों के बीच एक नई जानकारी सामने आई है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) महाराष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि थलापति की तमिल फिल्म 'जन नायकन' के सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड) से लीक होने की ख़बर पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।
पीआईबी महाराष्ट्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि ऐसी रिपोर्टें बेबुनियाद हैं और जनता को गुमराह करने वाली हैं। सेंसर बोर्ड ने भी इस मामले में स्पष्ट किया है कि वह सभी थियेटर फिल्मों के सर्टिफिकेशन के लिए एक अत्यंत सुरक्षित केडीएम यानी डिलीवरी मैसेज सिस्टम का पालन करता है। फिल्म का कंटेंट पासवर्ड से सुरक्षित रहता है और केडीएम केवल प्रोड्यूसर या फिल्ममेकर के पास होता है।
बिना वैध केडीएम के किसी भी व्यक्ति के लिए फिल्म देखना या उस तक पहुँच पाना संभव नहीं है। सेंसर बोर्ड ने आगे बताया कि फिल्म 'जन नायकन' का डिजिटल सिनेमा पैकेज (डीसीपी) 17 मार्च को मुंबई में आवेदक को उचित रसीद देकर सौंपा गया था। उसके बाद से पूरा डीसीपी प्रोड्यूसर/फिल्ममेकर के पास सुरक्षित है।
इस स्पष्टीकरण से फिल्म 'जन नायकन' के लीक होने की अफवाहों पर पूरी तरह विराम लग गया है। फिल्म में विजय और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिका में हैं। हाल ही में फिल्म के कुछ फुटेज इंटरनेट पर लीक होने की ख़बरें आई थीं, जिस पर अभिनेत्री पूजा हेगड़े के साथ ही कमल हासन, चिरंजीवी, विजय देवरकोंडा और अन्य कई एक्टर्स ने दुख जताया और इस घटना को सिस्टम की नाकामी करार दिया।
पीआईबी महाराष्ट्र ने सभी मीडिया और जनता से अपील की है कि वे ऐसी गलत और बिना सत्यापित ख़बरों पर विश्वास न करें। सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित है, इसलिए फिल्म लीक होने की कोई संभावना नहीं है।