चेन्नई में भारी बारिश: CM विजय ने मंत्रियों को तुरंत लौटने का आदेश, 30+ इलाकों में जलभराव
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 18 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में मानसून राहत की निगरानी कर रहे मंत्रियों को तत्काल शहर वापस लौटने का निर्देश जारी किया, जब रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के 30 से अधिक इलाकों को जलमग्न कर दिया। उत्तरी चेन्नई सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ पैरीज़ कॉर्नर में 36 सेमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक 17 जिलों में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मुख्यमंत्री का तत्काल निर्देश
अगस्त 2026 में की गई व्यवस्था के तहत, ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के 15 जोन में से प्रत्येक की ज़िम्मेदारी एक-एक मंत्री को सौंपी गई थी — ताकि मानसून की तैयारी और राहत कार्यों की सीधी निगरानी हो सके। शनिवार रात की भीषण बारिश के बाद मुख्यमंत्री विजय ने उन सभी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लौटें और जलभराव प्रबंधन की व्यक्तिगत देखरेख करें। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सभी संबंधित मंत्री शहर पहुँच गए हैं।
बारिश का कहर: कहाँ, कितना नुकसान
शनिवार शाम से लेकर आधी रात तक तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ हुई भारी बारिश ने शहर की कई सड़कों को नदियों में तब्दील कर दिया। उत्तरी चेन्नई में पैरीज़ कॉर्नर में 36 सेमी, काथिवक्कम (तिरुवोट्टियूर के पास) में 33 सेमी और सथांगाडु में 25 सेमी वर्षा दर्ज की गई।
रोयापुरम, टोंडियारपेट, एग्मोर, सैदापेट, नुंगमबक्कम और अलंदुर सहित शहर के 30 से अधिक इलाकों में 10 सेमी से अधिक बारिश दर्ज हुई। जेमिनी फ्लाईओवर (नुंगमबक्कम) के पास और जीपी रोड (रॉयपुरम) पर पानी जमा होने से यातायात ठप रहा।
अस्पताल और मंदिर तक पहुँचा पानी
तिरुवोट्टियूर में मुख्य सड़क पर स्थित सरकारी प्रसूति अस्पताल के बाहर घुटनों तक पानी भर जाने से मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वडिवुडई अम्मन मंदिर परिसर में भी बारिश का पानी घुस गया और नवरात्र समारोह के लिए बनाया गया एक अस्थायी पंडाल गिर गया। यह ऐसे समय में हुआ जब शहर में त्योहारी भीड़ चरम पर थी।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस बारिश का कारण उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना वायुमंडलीय परिसंचरण है। विभाग ने रविवार को 17 जिलों — चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, नीलगिरी, कोयंबटूर, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, सलेम, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, कुड्डालोर, अरियालुर, तिरुचि, पेरम्बलुर, तिरुवन्नामलाई और इरोड — में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। तमिलनाडु के शेष भागों में गरज-चमक के साथ मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है।
आगे क्या होगा
अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है, जिससे प्रशासन पर राहत और बचाव कार्यों का दबाव और बढ़ेगा। गौरतलब है कि चेन्नई 2015 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से हर मानसून में अतिरिक्त सावधानी बरतता है, फिर भी बुनियादी ढाँचे की सीमाएँ बार-बार उजागर होती हैं। मंत्रियों की मौके पर उपस्थिति और जोन-आधारित निगरानी तंत्र यह सुनिश्चित करने के प्रयास हैं कि राहत कार्य प्रभावी और समयबद्ध रहे।