क्या विराट कोहली और कुलदीप यादव भगवान महाकाल के दरबार में पहुंचे और भस्म आरती में शामिल हुए?
सारांश
Key Takeaways
- विराट कोहली और कुलदीप यादव की महाकाल यात्रा ने धार्मिकता और क्रिकेट को जोड़ा।
- भस्म आरती में भाग लेने से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है।
- भारत-न्यूजीलैंड सीरीज में 1-1 की बराबरी।
- आस्था का महत्व खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पड़ता है।
- तीसरा वनडे निर्णायक होगा।
उज्जैन, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली, बाएं हाथ के अद्भुत स्पिनर कुलदीप यादव और फील्डिंग कोच टी दिलीप ने शनिवार को उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन किए और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। ये खिलाड़ी भस्म आरती में भी शामिल हुए। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति ने विराट कोहली को सम्मानित किया।
इससे पहले, शुक्रवार को, हेड कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल भी पहुंचे थे, जिनके साथ बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक भी मौजूद थे। सभी ने सुबह 4:00 बजे भस्म आरती में भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कुलदीप यादव ने कहा, "यह एक अद्भुत अनुभव था, और पूरी टीम यहां आई थी। भगवान महाकाल के दर्शन करना हमेशा सुखद होता है। उनकी कृपा से सब कुछ सही चल रहा है, और मुझे आशा है कि भगवान सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और सभी का जीवन सुखमय हो। आज का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा।"
न्यूजीलैंड ने माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में कई सीनियर खिलाड़ियों के बिना वनडे सीरीज में भारत को कड़ी चुनौती दी है। 3 वनडे मैचों की सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। भारत ने 11 जनवरी को वडोदरा में पहला मैच 4 विकेट से जीता था। राजकोट में 14 जनवरी को हुए दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया।
भारतीय क्रिकेट टीम को रविवार को होलकर क्रिकेट स्टेडियम, इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा वनडे खेलना है। यह मैच निर्णायक है, इसलिए इसे लेकर काफी उत्साह है।
दूसरे वनडे में केएल राहुल के नाबाद शतक के बावजूद भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। तीसरे वनडे में रोहित शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सीरीज में शानदार फॉर्म में रहे रोहित इस सीरीज के पहले दो मैचों में बड़ा स्कोर नहीं बना सके थे। विराट कोहली भी राजकोट में बड़ी पारी नहीं खेल सके। निर्णायक मैच में कप्तान गिल उनसे बड़ी पारी की उम्मीद करेंगे।